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12 साल की उम्र में हुआ बलात्कार, 13 साल में बनी मां, अब 30 साल बाद बेटे ने दिलाया इंसाफ

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यूपी के शाहजहांपुर से एक चौकाने वाली घटना सामने आ रही है। बताया जा रहा है यहां पर 3 वर्षों तक अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद बेटा अपनी मां के आरोपियों को सजा दिलाने में सफल हुआ है। उसकी मां के साथ 12 वर्ष की उम्र में सामूहिक बलात्कार किया गया था। आरोपी दो सगे भाई थे।

13 वर्ष की आयु में उसकी मां बिन ब्याही मां बन गई थी और फिर एक बेटे को जन्म दिया था। इस बेटे ने अब बड़े होकर अपनी मां के साथ हुए जुल्म का बदला लिया है  अदालत में 30 साल पहले हुए सामूहिक बलात्कार के इस मामले में दो आरोपी भाइयों को 10-10 वर्षों की सजा सुनाई है।

जानिए पूरा मामला:-

यह घटना 1994 की है उसे समय पीड़िता की आयु 12 वर्ष की थी वह थाना सदर बाजार में अपने बहन बहनोई के घर में रहती थी। उसके बहन व बहनोई सरकारी नौकरी करते थे जब वह दोनों ड्यूटी पर चले जाते तो वह अकेली घर पर रहती थी। घर के पड़ोस में रहने वाले दो सगे भाई  नकी हसन उर्फ ब्लेड ड्राइवर एवं गुड्डू उस पर बुरी नजर रखते थे। एक दिन मौका पाकर दोनों भाई पीड़िता के घर में घुस गए तथा उसके साथ बलात्कार कर दिया। दोनों भाइयों ने पीड़िता को डरा धमका कर बलात्कार किया इसी के चलते 13 वर्ष की आयु में वह गर्भवती हो गई बहन बहनोई ने जब इस बारे में पूछा तो उसने पूरी घटना के बारे में बताया।

अपराधियों की धमकी और बदनामी के डर से पीड़िता के भाई-बहन उसे लेकर रामपुर चले गए जहां उसने एक बेटे को जन्म दिया। जन्म के बाद में बहन बहनोई ने बेटे को अपने एक रिश्तेदार को पालने के लिए दे दिया एवं पीड़िता की दूसरी जगह शादी कर दी गई। कुछ वक़्त बाद में हालात ऐसे बदले कि जिस बेटे को शादी से पहले जन्म दिया था वह उसके पास वापस आ गया। धीरे-धीरे बेटा बड़ा होने लगा इसी बीच उसे अपने पिता को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं थी एक रोज वह एक फार्म भर रहा था। पिता वाले कॉलम में उसे अपने बाप का नाम लिखना था। उसने मां से पिता का नाम पूछा। पहले मां ने बेटे की बात को टाला। बेटे ने इस बात को लेकर जिद पकड़ ली। बाद में मां ने बेटे को पूरी घटना के बारे में बताया।

इस बात पर बेटे ने अपनी मां को इंसाफ दिलवाने की मन में ठानी और दोनों अपराधियों के खिलाफ मार्च 2021 में थाना सदर बाजार में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस पूछताछ में अपराधियों ने घटना से मना कर दिया  मगर बेटे ने फिर भी हार नहीं मानी। मामला आगे बढ़ता गया उसके बाद पुलिस ने पीड़िता के बेटे एवं अपराधियों के डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजें। जांच रिपोर्ट में DNA मैच हो गया। तत्पश्चात दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया डीएनए मैच होने और पीड़िता के बयान के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश लवी यादव ने बलात्कार के अपराधियों को 10-10 वर्ष की सजा तथा 30-30 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।