बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तैयारी, तिल का तेल पिरोया गया, रवाना हुई गाडू घड़ा कलश यात्रा

भगवान बद्रीनाथ के अभिषेक के लिए नरेंद्रनगर राजमहल में तिल के तेल को पिरोने की रस्म पूरी हो चुकी है। महारानी माला राजलक्ष्मी शाह के…

भगवान बद्रीनाथ के अभिषेक के लिए नरेंद्रनगर राजमहल में तिल के तेल को पिरोने की रस्म पूरी हो चुकी है। महारानी माला राजलक्ष्मी शाह के नेतृत्व में नगर की सुहागिन महिलाओं ने विधि-विधान से उपवास रखकर तेल पिरोया। बृहस्पतिवार शाम 6 बजे नरेंद्रनगर राजदरबार से गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा ऋषिकेश के लिए रवाना हुई। यह यात्रा विभिन्न पड़ावों से होती हुई 11 मई को बद्रीनाथ धाम पहुंचेगी और 12 मई को भगवान बद्रीनाथ के कपाट खोल दिए जाएंगे।

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बता दें, बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले होने वाली यह रस्म बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। नरेंद्रनगर राजदरबार में पिरोया गया तिल का तेल ही भगवान बद्रीनाथ के अभिषेक के लिए उपयोग किया जाता है। यह तेल गाडू घड़ा में डाला जाता है और फिर कलश यात्रा के रूप में बद्रीनाथ धाम ले जाया जाता है।

गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा नरेंद्रनगर राजदरबार से शुरू होकर ऋषिकेश, डिम्मर गांव, सिमली, कर्णप्रयाग, जोशीमठ और पांडुकेश्वर होते हुए बद्रीनाथ धाम पहुंचेगी। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना की जाएगी।

बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का आगाज हो जाएगा। हर साल लाखों श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम के दर्शन के लिए आते हैं।