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नाबालिक पीड़िता के पुनर्वास के आदेश, जिला सत्र न्यायालय का अहम फैसला, निर्भया प्रकोष्ठ ने की थी पहल

उत्तरा न्यूज डेस्क
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अल्मोड़ा| पोक्सो अधिनियम के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने नाबालिक पीड़िता के आर्थिक पुनर्वास के लिए 50 हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं| न्यायालय ने पीड़िता की शिक्षा को सुचारु रखते हुए स्कूल से बेहतर प्रबंध करने के भी आदेश दिए हैं| मामला अल्मोड़ा जिले के एक गांव का है|
मामले में नाबालिक पीड़िता को ब्लड सैंपल लेने के लिए न्यायालय लाया गया था| उक्त बालिका मानसिक रूप से अस्वस्थ्य है और उसे मिर्गी के दौरे भी पड़ते हैं| निर्भया प्रकोष्ठ की वरिष्ठ अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी ने पीड़िता के शैक्षिक, चिकित्सकीय व आर्थिक पुनर्वास के लिए न्यायालय में याचना की| जिसके बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. ज्ञानेन्द्र कुमार शर्मा ने उच्चतम न्यायालय द्वारा हाल में ही पारित निर्णय तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की स्कीम का आधार लेते हुए लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम(पाँक्सो) के नियमावली के तहत पीड़िता को पुनर्वास के लिए 50 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश पारित किया| इसके अलावा सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी को पीड़िता का निशुल्क उपचार करने व उसकी रिपोर्ट न्यायालय को प्रेसित करने के आदेश दिए| निर्भया प्रकोष्ठ की अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी ने बताया कि पीड़िता कक्षा 9 की छात्रा है | इस दर्दनाक घटना के बाद से वह स्कूल तक नहीं जा पाई है| अत: न्यायालय ने विद्यालय को उसकी शिक्षा सुचारु करने को कहा है| एसआई मोनी टम्टा मामले की जांच कर रही है|