औषधीय पौधों (Medicinal Plants) से संबंधित प्रोजेक्ट की हुई शुरुआत, अल्मोडा, पिथौरागढ़ जिले में होगा यह कार्य- डॉ० बिपिन चन्द्र जोशी

अल्मोड़ा। आज विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में बहुउपयोगी औषधीय पौधों (Medicinal Plants) से संबंधित एक प्रोजेक्ट की शुरुआत प्रोजेक्ट संयोजक और सोबन‌ सिंह जीना…

अल्मोड़ा। आज विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में बहुउपयोगी औषधीय पौधों (Medicinal Plants) से संबंधित एक प्रोजेक्ट की शुरुआत प्रोजेक्ट संयोजक और सोबन‌ सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के कुलसचिव डॉ० बिपिन चन्द्र जोशी द्वारा की गई है। विश्वविद्यालय में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो नरेंद्र सिंह भंडारी द्वारा प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया और अनेक लोगों को औषधीय पौधों वितरित किए गए।

21e7b59e-b909-45ce-800c-4b81d0841272 25

डॉ० बिपिन चन्द्र जोशी ने बताया कि राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड, नई दिल्ली द्वारा देश भर में औषधीय पौधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 2020 में एक प्रोजेक्ट प्रारम्भ किया है जिसमें 20 औषधीय पौधों जैसे- घृतकुमारी, ब्राह्मी, लेमन ग्रास, आंवला, गिलोय, अश्वगंधा, सतावर, हल्दी, तुलसी, निर्गुंडी, अदरक, करीपत्ता आदि को हर घर में उगाने के लक्ष्य को रखा गया था।

कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत अब अल्मोडा, पिथौरागढ़ जिले में औषधीय पौधों के रोपण का कार्य किया जाएगा तथा जनसामान्य तक औषधीय पौधों के महत्व को बताया जाएगा। कहा कि औषधीय पौधों से रोजगार सृजन भी किया जा सकता यदि हम तुलसी की ही बात करें तो तुलसी का तेल बाजार में आठ सौ से एक हजार रुपये प्रति किलो तक बिकता है जबकि इसका बीज भी काफी महंगा बिक जाता है। तीन महीने में ही तुलसी तैयार हो जाती है।