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पति को बचाने के लिए एक महिला मगरमच्छ से भिड़ गई। यह दिल दहला देने वाली घटना राजस्थान के करौली जिले में में मंडरायल के पास बहने वाली चंबल नदी के काम कच गांव के पास घाट में हुई।
कैम कच गांव निवासी केदार मीणा पुत्र बने सिंह बकरियां चरा रहा था। उनके साथ उनकी पत्नी विमल देवी भी थीं। बकरियां पानी पी रही थीं और केदार नदी में नहाने चला गया। जैसे ही वह नदी में उतरा, मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया।
मगरमच्छ ने केदार का पैर अपने जबड़ों में जकड़ लिया और गहरी नदी में घसीटने लगा। केदार ने मगरमच्छ को पकड़ लिया और उससे खुद को छुड़ाने की कोशिश करने लगा। पति की चीख सुनकर विमल देवी दौड़ते हुए आई अपनी जान की परवाह न करते हुए लाठी लेकर नदी में कूद गई।
पति को बचाने के लिए विमल ने डंडे से वार किया लेकिन मगरमच्छ ने उसका पैर नहीं छोड़ा, इसके बाद विमल ने पूरी ताकत से मगरमच्छ की आंख पर लाठी से हमला कर दिया, आंख में लाठी के प्रहार के बाद मगरमच्छ ने केदार के पैर को छोड़ दिया और पानी में चला गया। बदहवास पत्नी ने अपने पति को वहां से बाहर निकाला और घायल पति को कंधे पर उठाकर 300 मीटर दूर स्थित अपने घर पहुंची। परिजनों की मदद से केदार को मंडरायल अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया, जहां केदार का इलाज कर छुट्टी दे दी गई। गांव में हर कोई विमल की तारीफ कर रहा है। लोगों के मुताबिक अगर विमल मौके पर मौजूद नहीं होती तो कुछ भी हो सकता था।
पहला शख्स मगरमच्छ के जबड़े से जिंदा लौटा
ग्रामीणों ने बताया कि इस जगह में ऐसे 16 से ज्यादा ऐसी घटनाएं हो चुकी है जब चंबल में मगरमच्छ के हमले से कोई जिंदा वापस लौटा है। अब तक हुए हादसों में नहाते हुए कई चरवाहों और युवकों को मगरमच्छ दबोच चुका है। मगमच्छ लोगों को दबोचने के बाद पानी में ले जाते है और अधिकतर के शव तक नही मिलते। लोगों की जानकारी के अनुसार यह पहला वाक्या है जब मगमच्छ के दबोचने के बाद कोई जिंदा लौटा हो।