Livelihood and Nutrition in the Corona time – Churning in District Networking Meeting

चमोली, 16 दिसंबर 2020- कोरोना काल (Corona time)में आजीविका व पोषण में पड़े प्रभाव, इसकी संभावना और भविष्य की चुनौतियो को लेकर चमोली जिले के हड़ाकोटी सोनला में जिला नेटवर्किंग बैठक का आयोजन किया|

Corona time
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बैठक में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले गैर सरकारी संगठनों ने इस मुद्दे पर गहन मंथन किया गया|

हिमाद शिक्षा प्रसार एवं प्रशिक्षण केन्द्र के सभागार में हुई विभिन्न गैर सरकारी संगठनो, स्वयं सेवी संगठनों, जनप्रतिनिधियों व सरकार के प्रतिनिधियों ने एक साथ एक मंच पर आते हुए इस ज्वलंत मुद्दे पर चर्चा की|

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बैठक में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि कोरोना काल (Corona time)में समाज के लोग किसी न किसी प्रकार से इसके प्रभाव से प्रभावित हुए हैं, प्रवासियों को लाँक डाउन के चलते अपने कार्यक्षेत्रों से अचानक अघोषित अवकाश का सामना करना पड़ा है कई की नौकरियां गई और बेरोजगारी की स्थिति में उन्हें वापस लौटना पड़ा|

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कहा कि सरकारी आंकड़ों में उत्तराखंड में 2 लाख के करीब लोग अपने घरों को वापस लौटे, कार्य के दौरान अलग अलग क्षेत्रों में कार्य करने वालों को स्वरोजगार के दौरान लोन आदि के लिए चयन करने के दौरान उनकी विशेषज्ञता के अनुसार कार्य दिए जाने की ओर भी बहुत कुछ तैयारी की आवश्यकता थी|

मनरेगा, डेयरी, कुक्कुट पालन, बागवानी को हर व्यक्ति नहीं कर सकता क्योंकि बागवान और इल्क्ट्रोनिक पांरगत और एक कुक तीनों की कार्य दक्षताएं व कार्य क्षमताएं अलग अलग होती हैं|
अमन संस्था के रघु तिवारी ने कहा कि कोरोना काल(Corona time) में लाँक डाउन और उसके बाद की स्थिति ने आजीविका के साथ साथ लोगों के पोषण को प्रभावित किया है|
Corona time के दौरान लाँक डाउन के दौरान कुछ दिनों तक पोषण कार्यक्रम यहां तक की टीकाकरण तक के प्रभावित हो जाने की सूचना मिली| लोगों को पेट भरने की चिंता सताने लगी थी ऐसे में केवल पीडीएस के खाद्यान्न के भरोसे पोषण रह गया| उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं सबक लेने व आगे की तैयारी करने का मार्ग खोलती हैं| इस ओर सरकार व सभी को ध्यान रखना होगा|


अमन की ओर से कोआर्डिनेटर नीलिमा भट्ट ने पाँवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से उत्तराखंड के पोषण व आजीविका से जुड़े बिंदुओं को विस्तार से रखा और भविष्य की चुनौतियों की ओर ध्यान खींचा| उन्होंने उत्तराखंड में छोटी जोतों के चलते अलाभकारी होती जा रही खेती की समस्या की ओर भी ध्यान खींचा और चकबंदी जैसे उपायों का धरातली रूप से लागू नहीं होने की समस्या को भी आंकड़ों के माध्यम से उठाया| उन्होंने बताया कि कोरोना काल (Corona time) में पहाड़ में आजीविका व पोषण की चिंता पर सभी को सोचने पर मजबूर किया है|
कार्यक्रम के इस सत्र का संचालन हिमाद के अध्यक्ष डा. डीएस पुंडीर ने किया उन्होंने भी विस्तार से Corona time के दौरान हुई इस समस्या पर प्रकाश डाला और इसके लिए धरातली स्तर पर योजनाएं व उनको ईमानदारी से लागू किए जाने पर जोर दिया|
चमोली जिले के आजीविका परियोजना के डीपीएम प्रतीक भट्ट और बाल विकास के सीडीपीओ सोहेब हसन ने विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी साथ ही सरकारी योजनाओं का शतप्रतिशत लाभ पाने के लिए समाज के हर वर्ग से जिम्मेदारी के साथ दायित्वों का निर्वहन करने को कहा| उन्होंने कहा कि Corona time में विभागों ने सरकार की योजनाओं व त्वरित सहायता पहुचानें में पूरी लगन से कार्य किया है और जनता से पूरा सहयोग दिया है|


जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह बिष्ट ने भी सरकारी योजनाओं को जरूरतमंदों तक सुलभ बनाने की जरूरत जताई और स्वरोजगार के लिए लोन के लिए चयनित लोगों को बैैंक स्तर से हुई परेशानियों की ओर ध्यान खींचा|
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में भविष्य में भी इस प्रकार के नेटवर्किंग बैठको के आयोजन पर जोर दिया गया और एकमत में कहा गया कि राय शुमारी के लिए इस प्रकार की बैठकों का किया जाना जरूरी है|
बैठक में महानंदन बिष्ट, श्री नंदा देवी महिला लोक की किरन पुरोहित, यूजीवीएस के राजबर सिंह, निजमूल ग्रोवर स्वायत्त सहकारिता से जितेन्द्र कठैत, महेन्द्र वफीला, सुखबीर रौतेला,अर्जुन सिंह, राजू नेगी सहित विभिन्न संगठनों से जुड़े कई प्रतिनिधि उपस्थित थे|

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