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शहर की सड़के तो छोड़िए, इस बार डूब गया पूरा रेलवे स्टेशन, जाने उत्तराखंड में कहां हुई इतनी बारिश

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Uttarakhand Weather Update News: दक्षिण पश्चिम मानसून अपने तय समय से 6 दिन पहले ही देश में आ गया। इसमें 2 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर लिया जबकि सामान्य रूप से 8 जुलाई तक पूरे प्रदेश में मानसून पहुंचता। मानसून के चलते उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी खूब बारिश हो रही है।

बुधवार को दिल्ली एनसीआर सहित उत्तर भारत के कई इलाकों में जोरदार बारिश हुई कई इलाकों में तो पानी भर गया सड़कों पर भी घुटनो तक पानी भर गया। उत्तराखंड के हल्द्वानी में जबरदस्त बारिश हुई यहां लाल कुआं में तो इतनी बारिश हुई की रेलवे स्टेशन की पटरिया पानी में डूब गई। स्टेशन पर पानी भरने से ट्रेनों का संचालन काफी प्रभावित रहा।

नैनीताल जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे में हल्द्वानी में 111 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश के चलते गली, मोहल्लों में पानी भर गया। रेलवे स्टेशन की पटरियां पानी में डूब गईं। हल्द्वानी होकर गुजरने वाले सभी रास्ते पानी भरने के कारण बंद हो गए।
पूरे इलाके में पानी भरने से प्रशासन अब हरकत में आ गया है।

सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि उन्होंने अपनी पूरी टीम को पानी निकासी की व्यवस्था में लगा दिया है जेसीबी मशीन और पंपसेट से पानी निकाला जा रहा है।रकसिया नाला, देवखड़ी नाला, कलसिया नाला सहित कई इलाकों का अधिकारियों ने निरीक्षण किया।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार को कई इलाकों में जोरदार बारिश हुई जिससे लोगों को उमस से राहत मिली। मौसम विभाग ने जारी अपनी अधिसूचना में कहा कि दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र-एनसीआर में भारी वर्षा हो सकती है, गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून एक जून तक केरल में प्रवेश कर जाता है और 8 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर लेता है। मानसून 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत से लौटने लगता है और 15 अक्टूबर तक पूरी तरह से वापस चला जाता है।

आईएमडी का कहना है कि यह लगातार तीसरा साल है जब मानसून ने पूरे देश में अपना प्रभाव दिखाई है। पिछले साल मानसून केरल में 8 जून को आया था और 2 जुलाई तक पूरे देश में आ गया था। इस तरह मानसून तय समय से 6 दिन पहले ही देश में आ गया।

आईएमडी ने कहा कि अगले चार से पांच दिन के दौरान बिहार, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है। पांच-छह जुलाई को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है।