Almora Kargil shaheed remembered on Shaurya Day, Veeranganao honored

26 जुलाई 1999 में करगिल के युद्ध में शहीद kargil shaheed हुये सैनिकों की याद में आज शौर्य दिवस को पूरे भारत वर्ष में मनाया जाता है.

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वीरांगना को सम्मानित करते सांसद टम्टा

अल्मोड़ा,26जुलाई 2020– करगिल दिवस की 21वीं वर्षगाँठ पर करगिल के वीर शहीदों (kargil shaheed)को याद किया गया.

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छावनी के शहीद स्मारक  में आयोजित कार्यक्रम को वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते इस वर्ष शौर्य दिवस समारोह पूरी श्रद्धा एवं सम्मान के साथ सीमित संख्या के आधार में आयोजित किया गया.

इस मौके पर शहीदों kargil shaheed की स्मृति में शहीद स्मारक छावनी परिषद पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि एवं पुष्पचक्र अर्पित किये गये. इस दौरान 2 मिनट का मौन रखा गया.
 कार्यक्रम में सांसद  अजय टम्टा ने करगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) पर शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने भारतीय सेना के अदम्य साहस व शौर्य को नमन करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में सैनिकों की वीरता व बलिदान की लम्बी परम्परा रही है.

देश की आजादी से पहले एवं आजादी के बाद उत्तराखंड के वीर सपूतों ने देश की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण योगदान रहा है. कहा कि करगिल युद्ध में बड़ी संख्या में उत्तराखण्ड के सपूतों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहूति दी. kargil shaheed .आपरेशन विजय की चर्चा भी इस मौके पर की गई.

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश चन्द जोशी ने कहा कि 26 जुलाई 1999 में करगिल के युद्ध में शहीद kargil shaheed हुये सैनिकों की याद में आज शौर्य दिवस को पूरे भारत वर्ष में मनाया जाता है.

उन्होंने सभी शहीदों को नमन करते हुये कहा कि हमें ऐसे वीर शहीदों पर हमेशा गर्व रहेगा जो अपने प्राणों की बाजी लगाकर देश की रक्षा करते है.

कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा, अपर जिलाधिकारी बीएल फिरमाल, अध्यक्ष पूर्व सैनिक लीग  कैप्टन दीपक टम्टा(अवकाश प्राप्त) ने भी अपने विचार रखे और शहीदों kargil shaheed को श्रंद्धाजलि अर्पित की. इस अवसर पर सैनिटरी निरीक्षक छावनी परिषद राजेश बिष्ट, श्रीमती सावित्री देवड़ी पत्नी लांसनायक स्व० हरीश देवड़ी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी प्रकाश चन्द्र मासीवाल, पूरन सिह मेहता, पूरन चन्द्र लोहनी, महेन्द्र सिह मेहरा, राज कुमार विष्ट, हेमन्त लाल वर्मा, देवेन्द्र कुमार, मनोज सिह नगरकोटी एवं जनपद के पूर्व सैनिक आदि उपस्थित थे.

मुख्य अतिथि सांसद टम्टा ने  इस शौर्य दिवस के अवसर पर वीरांगना सावित्री देवड़ी पत्नी लांसनायक स्वर्गीय  हरीश देवड़ी को शॉल भेंट कर सम्मानित किया.

कारगिल युद्ध में अल्मोड़ा के 7 जांबाज हुए थे शहीद kargil shaheed

1999 में भारत—पाक के बीच हुए इस भीषण युद्ध में भारत ने विजय हासिल की थी. वीर शपूतों के शौर्य व अदम्य साहस को याद करने के लिए प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है.
इस दिन जहां एक ओर शहीद kargil shaheedवीर सैनिकों को श्रद्धाजंलि अर्पित करते लोगों की आंखें नम हो जाती है वही, इन वीर सपूतों की दास्तां व इनकी शौर्य गाथाओं को सुन लोगों का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है. करिगल युद्ध में अल्मोड़ा के जांबाजो ने पाकिस्तान की ओर से भारत में घुसे घुसपैठियों व पाक सैनिकों से जमकर लोहा लिया. मातृभूमि की रक्षा करते हुए इस युद्ध में अल्मोड़ा के 7 सैनिकों ने अपने प्राण न्योछावर किए. शहीदों के साहस व उनकी वीरता को देखते हुए जनपद के दो सैनिकों को मरणोपरांत सेना मेडल से नवाजा गया.
इसमें नायक हरि बहादुर घले, हवालदार तम बहादुर क्षेत्री, सेना मेडल व  लांस नायक हरीश सिंह देवड़ी ,कैप्टन, आदित्य मिश्रा,  हवालदार हरी सिंह थापा, पैराट्रुपर, राम सिंह बोरा , मोहन सिंह बिष्ट भी कारगिल युद्ध में शहीद हो गए थे. यह केवल भारतीय सेना के जाबांजो की संख्या है जो सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय के अभिलेखों में हैं. अर्द्ध सैनिक बलों के जवान दो सीमा पर शहीद हुए उनकी सूची यहां उपलब्ध नहीं है. उत्तरा न्यूज सभी शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धा सुमन अर्पित करता है.

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