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अगर आप भी कर रहे हैं यूपीएससी के लिए आवेदन तो ना लगाए 10 दिन से ज्यादा पुरानी फोटो

Smriti Nigam
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UPSC Exam Rules:  नए निर्देशों के अनुसार यूपीएससी ने उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से 10 दिन से अधिक पुरानी तस्वीरें अपलोड करने से मना किया है।

Union Public Service Commission (UPSC): संघ लोक सेवा आयोग ने में में होने वाली प्रीलिम्स 2024 के लिए इस सप्ताह यूपीएससी सीएसई प्रीलिम्स 2024 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग ने रजिस्ट्रेशन फॉर्म पर फोटो लगाने के सख्त नियम लागू किए हैं। नए निर्देशों में कहा गया है कि यूपीएससी में उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन के दौरान अपलोड करने वाली तस्वीर 10 दिन से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए इसलिए उम्मीदवारों को यह निश्चित करना होगा कि यह तस्वीर 4 फरवरी 2024 से पहले की ना हो।

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अब इस नियम के बाद कैंडीडेट्स थोड़े कंफ्यूज हो गए हैं और कुछ ने इस लंबी और महंगी प्रक्रिया बता दिया है। एक्सपर्ट का कहना है कि यह परीक्षा के दौरान टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल और अन्य संबंधित धोखाधड़ी को भी कंट्रोल करेगा। राजस्थान और उत्तर प्रदेश में राज्य द्वारा कैंडिडेट के खिलाफ कई मामले दर्ज हो चुके हैं।

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सीनियर आईएएस अधिकारी जेके दादू का कहना है कि सरकार के इस पहल से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई टेक्नोलॉजी का मिसयूज करने वाले लोगों पर कंट्रोल लगेगा। एआई के साथ फोटो और डॉक्यूमेंट को मॉर्फ करने की संभावना है, जो सार्वजनिक परीक्षा में गंभीर चुनौतियां पैदा कर सकती हैं. “अलग अलग फॉर्मों पर उम्मीदवारों की तस्वीरों के बीच अंतर करना और परीक्षा में उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों के साथ उनका मिलान करना भी मुश्किल है। नई टेक्नोलॉजी और एआई फोटो और डॉक्यूमेंट्स को आसानी से मॉर्फ कर सकते हैं। नए यूपीएससी दिशानिर्देशों के साथ, पहचान संबंधी समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी।

ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जहां कैंडिडेट ने अपनी फोटो को एक दूसरे से जोड़ दिया। एआई और डीपफेक जैसी टेक्नोलॉजीज के साथ, चुनौतियां हर दिन बढ़ रही हैं। पहचान संबंधी कई सारे मामले सामने आ रहे हैं जिनका आयोग को सामना करना पड़ रहा है। नए निर्देशों के अनुसार उम्मीदवार को ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया करने के वक्त अपलोड करने वाली फोटो 10 दिन पहले से ज्यादा कि नहीं होनी चाहिए। इससे उम्मीदवारों के लिए एप्लीकेशन डाटा में हेरा फेरी करना मुश्किल हो जाएगा। इस नई प्रक्रिया से खास कर ग्रामीण इलाकों के उम्मीदवारों की जेब पर असर पड़ सकता है, लेकिन इससे यह सुनिश्चित हो जाएगा कि पहचान सही है, जिससे भविष्य की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।