अल्मोड़ा::साई मंदिर के पास सड़क किनारे विशाल और पुराने पेड़ बने खतरे का सबब,स्कूली बच्चों और राहगीरों को हर दम सताती है जान की चिंता

Almora:: Huge and old trees on the roadside near Sai Temple become a cause of danger अल्मोड़ा,27 अप्रैल 2024— आवासीय क्षेत्रों में जर्जर और पुराने…


Almora:: Huge and old trees on the roadside near Sai Temple become a cause of danger

अल्मोड़ा,27 अप्रैल 2024— आवासीय क्षेत्रों में जर्जर और पुराने पेड़ों के आस पास रहने वाले लोग कितने भयभीत रहते हैं यह उन्ही स्थानों पर रहने वाले लोगों को ही पता होता है।

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अल्मोड़ा में आपदा की दृष्टि से हुई प्रशासन की बैठक में बीते रोज सड़क किनारे स्थित खतरे की संभावना वाले पेड़ों को चिह्नित करने के लिए विचार विमर्श किया गया। ऐसे में अल्मोड़ा शहर में साई बाबा मंदिर के समीप सड़क किनारे स्थित विशाल और पुराने हो चुके पेड़ों के निस्तारण की उम्मीद अभी भी नागरिगों उम्मीद ही है।

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यहां एडम्स परिसर से लगे इन पेड़ों के टहनियों के समीप बिजली की लाइन गुजरती है। तो लम्बी और पुरानी हो चुकी टहनियां आए दिन सड़क पर गिरते रहती हैं। ऐसी स्थिति में वहां रहने वाले लोगों और राहगीरों को हरदम अपने जान की चिंता सताते रहती है।


हालत यह है कि उस क्षेत्र में छुट्टी और स्कूल लगने के दौरान स्कूल के बच्चों का जमघट लगा रहता है तो सामने मंदिर होने से श्रद्धालु भी आते रहते हैं वहीं राहगीर और वाहन चालक भी इस मार्ग से गुजरते हैं। इसके अलावा वहां रहने वाले लोग भी हरदम खतरे के साऐ में जीते हैं।

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हल्की सी हवा और बारिश के दौरान कई बार इन पुराने हो चुकी पेड़ों की टहनियां टूट कर सड़क में गिरती रहती हैं। ऐसे में लोगों को अपने जान की चिंता सताती रहती है। लोगों का कहना है कि बंदरों ने भी पेड़ों पर अपना आवास बना डाला है उनकी धमाल चौकड़ी कई बार छोटे स्कूली बच्चों पर भारी पड़ती है तो समीप से गुजरती लाईन से शार्ट शर्किट का खतरा भी बना रहता है।

लोगों का कहना है कि आस पास पांच स्कूलों के बच्चे इस मार्ग से गुजरते है। साई बाबा कालौनी के निवासियों का कहना है कि विभाग से कई बार अनुरोध किया जा चुका है। कई बार पत्र भी लिखा गया है लेकिन दुर्घटना और खतरे का सबब बने इन पेड़ों को काटने या छांटने के संबंध में विभाग के स्तर से कोई पहल नहीं हुई है। लोगों ने साफ चेतावनी भी दी है कि यदि भविष्य में कोई दुर्घटना या अनहोनी हुई तो वन विभाग इसका जिम्मेदार रहेगा।