जिला विकास प्राधिकरण को लेकर हाईकोर्ट जाने की चेतावनी, सर्वदलीय संघर्ष समिति ने सरकार पर लगाए जनआंदोलन की अनदेखी का आरोप

अल्मोड़ा। जिला विकास प्राधिकरण को हटाए जाने को लेकर पिछले एक साल से आंदोलन कर रही सर्वदलीय संघर्ष समिति ने सरकार पर जनांदोलनों की अनदेखी…

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photo- uttra news

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अल्मोड़ा। जिला विकास प्राधिकरण को हटाए जाने को लेकर पिछले एक साल से आंदोलन कर रही सर्वदलीय संघर्ष समिति ने सरकार पर जनांदोलनों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। नगरपालिका में पत्रकार वार्ता में समिति से जुड़े पदाधिकारियो ने कहा कि सरकार जानबूझ कर विसम भौगोलिक परिस्थितियों वाले जनपद में अव्यवहारिक मानकों वाले डीसीए को लागू कर रही है। लोगों को भारी परेशानियों का सामना कर रहा है। कई बार सरकार से वार्ता करने के बाद भी उस पर कार्यवाही नहीं हो रही है। वहीं शहरी विकास मंत्री का रवैया भी पहाड़ के प्रति कठोर दिखाई दिया। वक्ताओं ने कहा कि डीडीए लागू होने के बाद पर्वतीय क्षेत्रों में भवन निर्माण मुश्किल हो गया है। वक्ताओं ने कहा कि एक साजिश के तहत शुल्क को काफी बढ़ा दिया गया है। समिति ने एक स्वर में कहा कि सरकार यदि जल्द जनहित के लिए किए जा रहे आंदोलन की अनदेखी करते रही तो समिति हाईकोर्ट की शरण लेने को बाध्य होगी। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी, पूर्व जिलापंचायत अध्यक्ष मोहन सिंह महरा, यूसफ तिवारी, व्यापारमंडल जिलाध्यक्ष हरेन्द्र वर्मा,आनंद बगडवाल,आनंद ऐरी, पूर्व विधायक मनोज तिवारी,बार एसोएिशन के अध्यक्ष महेश परिहार,लता तिवारी, राधा बिष्ट,प्रीति बिष्ट, पूरन रौतेला, चन्द्रमणी भट्ट आदि मौजूद थे।