कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अल्मोड़ा दौरे में हेलीकॉप्टर की लैंडिंग न हो पाने को लेकर उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है।कांग्रेस के नेताओं का आरोप है कि दिल्ली से पंतनगर तक समय पर पहुंचने के बाद भी मौसम का हवाला देकर उनके हेलीकॉप्टर को अल्मोड़ा नहीं जाने दिया गया।
इस घटना के बाद कुमाऊं मंडल में चर्चाओं का बाजार गर्म है क्योंकि स्थानीय लोगों का कहना है कि उस समय आसमान में मौसम उतना खराब नहीं था। इसी मसले को लेकर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने तीखा रुख अपनाते हुए डीजीसीए, यूकाडा और संबंधित हेली कंपनी की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि जब उसी रूट पर दूसरे हेलीकॉप्टर सामान्य रूप से उड़ान भर रहे थे, तो फिर राहुल गांधी का हेलीकॉप्टर क्यों नहीं उड़ पाया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने पूछा कि इस लापरवाही या चूक के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है। पूर्व मुख्यमंत्री के मुताबिक पूरा अल्मोड़ा और कुमाऊं मंडल हजारों की संख्या में राहुल गांधी को सुनने के लिए इंतजार कर रहा था। इसके अलावा पौड़ी में भी सुबह से पूर्व सैनिक और कांग्रेस कार्यकर्ता उनके स्वागत के लिए जुटे हुए थे, लेकिन अचानक उनके न आ पाने की सूचना से सबको मायूसी हाथ लगी।
घटनाक्रम के अनुसार राहुल गांधी का हेलीकॉप्टर मौसम खराब होने की बात कहकर अल्मोड़ा में लैंड नहीं कराया जा सका, जिसके बाद उन्हें पंतनगर वापस लौटना पड़ा। वहां से उन्होंने अल्मोड़ा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम जनता को फोन के माध्यम से संबोधित किया। हरीश रावत ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार की एजेंसियां यूकाडा और डीजीसीए जिन सरकारी हेलीकॉप्टर सेवाओं की मॉनिटरिंग करती हैं, वे उस दौरान बिना किसी बाधा के चली हैं।
हरीश रावत ने कहा कि अल्मोड़ा से हल्द्वानी के बीच हेलीकॉप्टर सेवा सुचारू रही और यह वही हवाई रास्ता है जिससे राहुल गांधी के हेलीकॉप्टर को आना था। पूर्व मुख्यमंत्री ने तकनीकी सवाल उठाते हुए कहा कि जिस वायु मार्ग से सिंगल इंजन वाले हेलीकॉप्टर आसानी से आ-जा रहे थे, वहां राहुल गांधी का डबल इंजन वाला हेलीकॉप्टर कैसे नहीं आ सका। उन्होंने कहा कि या तो हेली कंपनी, या डीजीसीए, या फिर यूकाडा में से किसी को इस बात का जवाब देना ही होगा कि देश के प्रतिपक्ष के नेता को अल्मोड़ा क्यों नहीं पहुंचने दिया गया। पायलट और हेलीकॉप्टर सर्विसेज इन्हीं सरकारी संस्थाओं के जरिए संचालित होती हैं, इसलिए आम लोगों के दिमाग में यह गंभीर प्रश्न उठना स्वाभाविक है।
हरीश रावत ने कहा कि वह जनता और कार्यकर्ताओं के मन में उठ रहे संदेह को ही आवाज दे रहे हैं क्योंकि लोग सोच रहे हैं कि कहीं इसके पीछे मौसम के अलावा कोई दूसरा कारण तो नहीं था। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस हमेशा राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहती है और खराब मौसम में वे खुद उनके उड़ान भरने के पक्ष में नहीं रहते। मगर जब दूसरे विमान उसी रूट पर उड़ान भर रहे थे, तो डबल इंजन हेलीकॉप्टर का न उड़ पाना संदेह पैदा करता है। इस पूरे मामले में अब कांग्रेस ने सरकारी एजेंसियों से जवाब मांगा है।
