गैरसैंण बजट सत्र 2026 में राज्यपाल का अभिभाषण, विकास और रोजगार को बताया प्राथमिक दिशा

भराड़ीसैंण में सोमवार से शुरू हुए बजट सत्र 2026 की कार्यवाही राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सेवानिवृत्त गुरमीत सिंह के संबोधन के साथ शुरू हुई। अपने अभिभाषण…

भराड़ीसैंण में सोमवार से शुरू हुए बजट सत्र 2026 की कार्यवाही राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सेवानिवृत्त गुरमीत सिंह के संबोधन के साथ शुरू हुई। अपने अभिभाषण में उन्होंने सरकार की उपलब्धियों, योजनाओं और भविष्य की दिशा का विस्तृत उल्लेख किया, जिसमें संतुलित विकास, पर्यटन विस्तार, शिक्षा सुधार और महिला स्वावलंबन को प्रमुख स्थान दिया गया।

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राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड को वर्ष 2047 तक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लिए सरकार निरंतर काम कर रही है। पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के बीच समान विकास सुनिश्चित करने के साथ आर्थिक मजबूती, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं।


शिक्षा के क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं को नकल रहित बनाने और पारदर्शिता कायम रखने को लेकर किए गए सुधारों की भी चर्चा हुई।
राज्यपाल का कहना था कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार तक पहुंचाने को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है।

महिला सशक्तिकरण पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों ने ग्रामीण इलाकों में आर्थिक बदलाव लाने का काम किया है। लखपति दीदी जैसी योजनाओं ने महिलाओं की आमदनी बढ़ाई है और उन्हें वित्तीय रूप से बेहतर स्थिति में पहुंचाया है।

युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि हजारों युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। इससे पलायन पर भी रोक लगाने में मदद मिली है।

पर्यटन को राज्य की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के साथ शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहित करने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है सांस्कृतिक, धार्मिक और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नए प्रयास किए जा रहे हैं।

बुनियादी ढांचे के विकास का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने बताया कि सड़क, बिजली, पेयजल और डिजिटल सेवाओं को दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाने पर सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। डिजिटल पहुंच बढ़ने से लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ तेजी से मिल रहा है।

कृषि और पशुपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, विपणन सहयोग और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने पर काम जारी है।

अंत में उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पारदर्शिता के साथ जनता को जिम्मेदार प्रशासन देना है। बजट सत्र की शुरुआत के साथ ही यह स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि आने वाले समय में विकास, रोजगार और पर्यटन राज्य की प्राथमिक रणनीतियों में शामिल रहेंगे।