अल्मोड़ा:: नवरात्रों में पशुबलि हतोत्साहन(discourage animal sacrifice) को गायत्री परिवार का अभियान जारी,बलि को लाया बकरे को वापस‌ ले गए लोग

Almora: Gayatri Parivars campaign continues to discourage animal sacrifice during Navratri अल्मोड़ा, 20 अक्टूबर – पशुबलि जैसी प्रथा को हतोत्साहित (discourage animal sacrifice)करने और लोगों…

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Almora: Gayatri Parivars campaign continues to discourage animal sacrifice during Navratri

अल्मोड़ा, 20 अक्टूबर – पशुबलि जैसी प्रथा को हतोत्साहित (discourage animal sacrifice)करने और लोगों को जागरुक करने के लिये गायत्री परिवार द्वारा मंदिरों में जागरुकता अभियान जारी है।

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नवरात्रों में हर दिन गायत्री परिवार की टीम मंदिरों में जागरुकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
शुक्रवार यानि षष्ठी तिथि को भी गायत्री परिवार ने श्री गोलू मंदिर, चितई में पशुबलि पर पूर्ण रोक(discourage animal sacrifice) हेतु जनजागरण अभियान चलाया।

गायत्री परिवार की मंजू जोशी ने बताया कि अब चितई मंदिर में पशुबलि लगभग समाप्त ही है। पष्ठी तिथि शुक्रवार को केवल एक बकरा पशुबलि हेतु लाया गया।


टीम ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेशों की जानकारी होने पर तथा नारियल आदि सात्विक पूजा सामग्री का विकल्प सुझा जाने पर ग्राम-फरवाली (कपकोट) के श्रद्धालु पशुबलि के लिये लाया गया एक बकरा वापस ले गये।

साथ में आये लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पशुबलि के खिलाफ (discourage animal sacrifice)जनजागरण अभियान चलाने का संकल्प किया।


गायत्री परिवार के अर्जुन नेगी ने कहा कि लोग पशुबलि में धन खर्च करने की बजाय पेयजल व्यवस्था शौचालयों के स्वच्छता आदि में अपना सहयोग देकर पुण्यलाभ कर सकते हैं। पशुबलि का परिणाम पाप और दुश्व-कष्ट – दुर्भाग्य ही है अन्य कोई सकारात्मक लाभ नहीं है।

जनजागरण अभियान में मंजु जोशी, मीनू भट्ट, डॉ. मीनाक्षी पाण्डेय, निर्मला अधिकारी, नीलम नेगी, अर्जुन नेगी, उर्मिला तिवारी, अर्जुन नेगी, भीम सिंह अधिकारी आदि शामिल रहे।