Disaster caused rain in Munsiyari

Disaster

मुनस्यारी/पिथौरागढ़, 19 जुलाई 2020-
मुनस्यारी में शुक्रवार की रात हुई भीषण बारिश आपदा (Disaster)बन कर आई.


इस तेज बारिश ने सीमांत के गांवो में तबाही मचा दी है. बीआरओ की सड़क के पास बसे गांवो में काफी नुकसान हुआ है.


जिपं सदस्य जगत मर्तोलिया ने कहा कि यह लापरवाही जनित आपदा (Disaster)है और अब सभी पंचायत प्रतिनिधि इसका खुलकर विरोध करेंगे.

Disaster

जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने कहा कि बारिश का कहर अब ऊफान पर है. कल रात्रि को हुई मूसलाधार बारिश ने तहसील के किसी भी गांव को नहीं छोड़ा है. हर गांव में नुकसान हुआ है.

भीषण बारिश से बलौटा, रांथी, धापा को भारी नुकसान हुआ है. तीनो गांवो में घरो में मलबा, पानी घुस गया था. कपड़े, राशन आदि सामान खराब हो गया.

आवासीय घरों को खतरा अलग से पैदा हो गया है. आम आदमी कल रात्रि की आपदा(Disaster) से त्रस्त है.

IMG 20200719 WA0008 1

उन्होंने बताया कि कवाधार, जैती, गोरीपार, चौना आदि गांवो में आवासीय दर्जनो भवनों को खतरा पैदा हो गया है. हरकोट मोटर मार्ग में पैदल रास्ता तक चलने लायक नहीं रह गया है. मुनस्यारी से जौलजीबी मोटर मार्ग में दरकोट के निकट मोटर मार्ग पर बनी दीवार पहली बरसात में ही टूट गई.

कहा कि पापड़ी, कवाधार, सेरासुराईधार, सेनर प्यागंती, क्वीरीजिमिया, सांई पोलू,पातो, बुई, लैंगा सहित कई गांवो का पैदल सम्पर्क मार्ग भी भू स्खलन के कारण बंद हो गया है.


जिप सदस्य जगत मर्तोलिया ने कहा कि सबसे पहले एसडीएम व तहसीलदार को प्रथम सूचना दी है. कहा कि बी.आर.ओ. के अफसरो को हमने साइट विजिट कराया ताकि आपदा से नुकसान न हो, लेकिन ये बहाना बनाकर बचते रहे, आज इनकी कमियों के कारण पूरा क्षेत्र इसका खमियाजा भुगत रहा है.


मर्तोलिया ने कहा कि बीआरओ जनित आपदा(Disaster) पर प्रशासन को रिर्पोट तैयार करने के लिए कहा गया है. कहा कि हम इस बार बीआरओ को तनिक भी माफ करने वाले नहीं है.

मर्तोलिया ने कहा कि आज कुमांऊ आयुक्त, जिलाधिकारी के अलावा जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश सिंह मर्तोलिया को पत्र लिखकर बी.आर.ओ.के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की मांग की. कहा कि आयोग के उपाध्यक्ष से इस मामले को आयोग में दर्ज करने का विशेष अनुरोध किया गया है.

मुनस्यारी की आपदा(Disaster) को लेकर सीएम को लिखा खुला पत्र

जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री को भी एक खुला पत्र भेजा गया है जिसमें नुकसान के आंकलन का पूरा ब्यौरा भेजते हुए प्रभावितों को समुचित व जरूरी मुआवजा दिए जाने की मांग की गई है.


कहा कि हिमनगरी मुनस्यारी के गांव कितनी तकलीफ में है. मोटर मार्ग, पैदल रास्ते, मोटर व पैदल पुल बह गए है. नाले व गधेरे नदी के रुप में बह रहे है. जिनसे क्षेत्र को लगातार खतरा बना हुआ है.

कहा कि इस आपदा(Disaster) के पीछे सीमा सड़क संगठन, लोनिवि जो सड़क का निर्माण करते है, इनके अलावा कुछ सरकारी विभाग जिम्मेदार है. इसलिए इनके कृत्यों की भी जांच कर ठोस व कठोर कार्यवाही अमल में लाया जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी को तत्काल मुनस्यारी दौरे पर भेजने की मांग की है.

मर्तोलिया ने कहा कि मुनस्यारी का यह क्षेत्र चीन से लगी सीमा से जुड़ा हुआ आबादी क्षेत्र है, इस क्षेत्र को भविष्य में इस प्रकार की दैवीय, प्राकृतिक, मानवजनित आपदा (Disaster)से बचाने के लिए दीर्घकालीन नीति का निर्माण करना होगा. साथ ही उन्होंने जिला अधिकारी के बाद कुमांऊ आयुक्त से पूरे प्रभावित क्षेत्र का अनुश्रवण कराने की मांग की है.

Disaster

कहा कि मुनस्यारी क्षेत्र के लगे चीन सीमा के प्रहरी हैं और कोरोना संकट काल में भी सहयोगी बना रहना चाहते हैं लेकिन आपदाकाल में आपकी उपेक्षा बनी रही तो हम सीमा प्रहरियों को उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि अब क्षेत्रवासी अपनी उपेक्षा को लेकर आर पार की लड़ाई के मूड में हैं.उन्होंने मुनस्यारी में नियमित एसडीएम की नियुक्ति की मांग भी उठाई है.

वीडियो अपडेट के लिए हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

https://www.youtube.com/channel/UCq1fYiAdV-MIt14t_l1gBIw