Whats-App-Image-2026-04-02-at-4-36-29-PM shree-krishna-vidyapeethm,k

127000 नंबर से आया SMS? जानें TRAI और RBI का नया पायलट प्रोजेक्ट, क्या है इसका उद्देश्य

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और टेलीकॉम रेगुलेटरी ट्राई ने मिलकर प्रमोशनल प्रोजेक्ट के परमिशन को रोकने के लिए नया पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। जिसके…

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और टेलीकॉम रेगुलेटरी ट्राई ने मिलकर प्रमोशनल प्रोजेक्ट के परमिशन को रोकने के लिए नया पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है।

21e7b59e-b909-45ce-800c-4b81d0841272 25

जिसके तहत कुछ चुनिंदा ग्राहकों को एसएमएस नोटिफिकेशन भेजे जाएंगे, ताकि वह प्रमोशनल संदेशों के लिए दी गई अपनी अनुमति को डिजिटल के माध्यम से देखें यदि वह चाहें तो उसे बंद भी कर सकते है।

ट्राई ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य प्रमोशनल कंटेंट के लिए दी गई अनुमति को डिजिटल तरीके से रेगुलेट करना है। जिसका टेस्ट पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा रहा है, जिसमें 9 टेलीकॉम कंपनियां और 11 बैंक, जिनमें आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, एसबीआई, पीएनबी, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडसइंड बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक शामिल हैं।

प्रोजेक्ट के अंतर्गत, जिन ग्राहकों ने पहले प्रमोशनल संदेशों के लिए अनुमति दी थी, उनको एक मेसेज आएगा। जिसमें एक लिंक होगा, जिस पर क्लिक करके वे अपनी अनुमति को देख सकेंगे और चाहें तो उसे बदल या रद्द कर सकेंगे। यह मेसेज सिर्फ उन्हीं ग्राहकों को मिलेगा जिनकी अनुमति पहले इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड की गई है। यदि आपको यह मैसेज नहीं मिलता है, तो चिंता करने की कोई बात नहीं, क्योंकि यह सिर्फ एक छोटा टेस्ट है, जिसको कुछ समय के बाद पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा।

जो ग्राहक इस एसएमएस को प्राप्त करेंगे, वे उसमें दिए गए लिंक पर क्लिक करके अपनी दी हुई अनुमतियों को देख सकते हैं। जिस लिंक से आपको यह पता चलेगा कि आपने किस-किस प्रमोशनल सामग्री के लिए अनुमति दी थी, और आप उस अनुमति को जारी रखने, बदलने या रद्द करने का फैसला कर सकते हैं। जिसमें आपकी व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी नहीं मांगी जाएगी। बस, आपको यह एसएमएस नबंर ‘127000’ से आना चाहिए। ध्यान रहे कि यह टेस्ट केवल कुछ चुनिंदा ग्राहकों के लिए है, और अगर आप इस पायलट में शामिल नहीं हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह सिस्टम पायलट प्रोजेक्ट के बाद में सभी के लिए शुरू किया जाएगा।