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देहरादून: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया उत्तराखंड के पहले शौर्य स्मारक का उद्घाटन

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Dehradun: Defense Minister Rajnath Singh inaugurated the first Shaurya Smarak of Uttarakhand

देहरादून, 14 जनवरी 2023- देहरादून दौरे पर पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित चारबाग में बने उत्तराखंड के पहले शौर्य स्मारक के रूप में शौर्य स्थल का उद्घाटन किया।

इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और देश के सीडीएस मनोज चौहान भी मौजूद रहे। सीडीएस बनने के बाद मनोज चौहान का यह पहला उत्तराखंड दौरा था।
शौर्य स्थल का उद्घाटन करने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देहरादून गढ़ी कैंट आर्मी एरिया में सेना द्वारा प्लास्टिक वेस्ट से तैयार किए गए रेसिंग ट्रैक का भी उद्घाटन किया।

Defense Minister Rajnath Singh inaugurated the first Shaurya Smarak of Uttarakhand
Defense Minister Rajnath Singh inaugurated the first Shaurya Smarak of Uttarakhand


केन्द्रीय रक्षा मंत्री एवं मुख्यमंत्री ने शौर्य स्थल पर पुष्प चक्र अर्पित कर उत्तराखण्ड के वीरगति प्राप्त योद्धाओं को श्रद्धांजलि दी। केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शौर्य स्थल का अवलोकन किया एवं शहीदों के परिजनों से मुलाकात भी की।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, सीडीएस जनरल अनिल चौहान , सांसद माला राज लक्ष्मी शाह, पूर्व राज्यसभा सांसद तरूण विजय एवं मेजर जनरल संजीव खत्री ने भी उत्तराखण्ड के वीरगति प्राप्त योद्धाओं को श्रद्धांजलि दी।


रक्षा मंत्री राजनाथ देहरादून में सोल ऑफ स्टील एल्पाइन चैलेंज प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। यह प्रतियोगिता भारतीय सेना और CLAW ग्लोबल जो कि विशेष बलों के महारथी रहे लोगों द्वारा संचालित एक एडवेंचर स्पोर्ट संगठन है। भारतीय सेना की सबसे पुरानी ब्रिगेड (Ibex Brigade) और वेटरन द्वारा शुरू किया गया। स्टार्ट अप CLAW ग्लोबल की शुरुआत 2019 में हुई थी। CLAW और सेना के संयुक्त प्रयासों से देहरादून में साहसिक खेलों के प्रति आम लोगों में बढ़ावा देने के लिए सोल ऑफ स्टील एल्पाइन चैलेंज का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यक्रम में पहुंचे सीएम धामी के कहा कि सेवानिवृत सैनिकों और देवभूमि में आ कर रक्षा मंत्री ने सभी का मनोबल बढ़ाने का काम किया है। देवभूमि उत्तराखंड ने अनेकों वीर सैनिक देश को दिए है।


अपने शौर्य और प्रक्रम के चलते दुश्मनों को मुंह तोड़ जवाब दिया है। एक समय था जब अलगाववादियों, जिहादियों या फिर आतंकवादियों की गोली आती थी तो जवाबी कार्यवाही के लिए पूछना पड़ता था, लेकिन आज भारतीय सेना गोली का जवाब गोलों से दे रही है।


उन्होंने कहा कि आज सेना को सैन्य सामानों के साथ ही बेहतर सुविधाएं मिल रही है। एक सैनिक का दूसरे सैनिक के साथ भाई जैसा नाता होता है। उत्तराखंड सरकार, राज्य में सैनिक कल्याण के लिए काम कर रही है। सैन्य धाम का बहुत तेजी से चल रहा है। दिसंबर तक सैन्य धाम का काम पूरा हो जाएगा। आने वाले पीढ़ी सैनिकों की प्रक्रम से भली-भांति वाकिफ हो सके इसके लिए सैन्य धाम बनाया जा रहा है।

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