एसएसजे कैंपस अल्मोड़ा के डीन प्रो. शेखर चंद्र जोशी ने बद्रीनाथ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्तुत किया शोधपत्र

अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना (एसएसजे) कैंपस, अल्मोड़ा के दृश्य कला संकाय के डीन प्रोफेसर शेखर चंद्र जोशी हाल ही में बद्रीनाथ में आयोजित तीन दिवसीय…

Dean of SSJ Campus Almora Prof. Shekhar Chandra Joshi presented research paper in Badrinath International Conference
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अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना (एसएसजे) कैंपस, अल्मोड़ा के दृश्य कला संकाय के डीन प्रोफेसर शेखर चंद्र जोशी हाल ही में बद्रीनाथ में आयोजित तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेकर अल्मोड़ा लौट आए है।

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13 से 15 मई 2026 तक “भारतीय ज्ञान प्रणालियों की ऐतिहासिक दिव्य भूमि: श्री बद्रीकाश्रम (तीर्थ योग प्रथम)” विषय पर आयोजित इस भव्य सम्मेलन में उन्होंने उत्तराखंड की समृद्ध कला को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया।

इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन एसएसजे विश्वविद्यालय (अल्मोड़ा), केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (देवप्रयाग), उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय (हरिद्वार), देवभूमि चारधाम होटल एसोसिएशन, बद्रीनाथ होटल एंड लॉज एसोसिएशन और अग्निमंदिरम जोधपुर द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था, जिसका सफल संचालन नालंदा स्थित एनएनएम (संस्कृति मंत्रालय) के सहायक प्रोफेसर डॉ. मनोज बिश्नोई ने किया।

इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में प्रोफेसर शेखर चंद्र जोशी ने ‘उत्तराखंड, भारत में मंदिर कला और वास्तुकला: एक सौंदर्यपरक विचार-विमर्श’ विषय पर अपना महत्वपूर्ण शोधपत्र (रिसर्च पेपर) प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने शोधपत्र के माध्यम से उत्तराखंड की अनूठी कला और वास्तुकला के सौंदर्यपरक व ऐतिहासिक पहलुओं को अतीत से लेकर वर्तमान तक बेहद बारीकी से स्पष्ट किया।

इसमें उन्होंने राज्य के विभिन्न मंदिरों और संग्रहालयों में मौजूद चुनिंदा मूर्तियों की कलात्मकता को भी रेखांकित किया। प्रो. जोशी ने बताया कि उनके इस शोधपत्र में उत्तराखंड की मंदिर कला, वास्तुकला और दृश्य कलाओं (विजुअल आर्ट्स) को भविष्य में और अधिक सुदृढ़ व संरक्षित करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए हैं।

प्रोफेसर जोशी ने इस सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि सम्मेलन बेहद ज्ञानवर्धक रहा, जिसमें देश के 22 राज्यों से आए 300 से अधिक विद्वानों और प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रो. जोशी की इस शानदार भागीदारी और उपलब्धि पर दृश्य कला विभाग के प्रमुख, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने उन्हें बधाई देते हुए गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है।

गौरतलब है कि प्रोफेसर शेखर चंद्र जोशी एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के ख्यातिप्राप्त कलाविद हैं। वे इससे पहले दक्षिण कोरिया (सियोल), फ्रांस (नैन्सी), ऑस्ट्रेलिया (मेलबर्न), ऑस्ट्रिया (वियना), स्वीडन (स्टॉकहोम) जैसे कई देशों में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इसके साथ ही वे विश्व प्रसिद्ध ‘नक्षत कलाकार’ (Nail Art) के रूप में विख्यात हैं, जो चित्रों के लिए कागज पर अपने हाथों के नाखूनों से अद्भुत नक्काशी करते हैं।

वे अब तक एक दर्जन से अधिक एकल कला प्रदर्शनियाँ और कई समूह प्रदर्शनियाँ आयोजित कर वैश्विक मंचों पर अपनी कला का लोहा मनवा चुके हैं।

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