जनपद के प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के जिलाधिकारी अपने गनर के साथ मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर गए और सबसे बड़ी आपत्तिजनक बात यह रही कि गनर के पास उस समय हथियार मौजूद था। इस घटना के बाद मंदिर के पुजारियों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और उन्होंने धार्मिक परंपराओं के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
गर्भगृह में हथियार ले जाने पर भड़के पुजारी
बीते सोमवार को उत्तर प्रदेश के बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह दर्शन और पूजा अर्चना के लिए जागेश्वर धाम पहुंचे थे। वहां वे अपने गनर के साथ पूजा करने के लिए मंदिर के गर्भगृह में चले गए। जब जिलाधिकारी वहां नवग्रह की पूजा कर रहे थे उस समय उनका सुरक्षाकर्मी भी वहीं मौजूद था और उसने अपनी कमर के पास कार्बाइन असलहा दबाया हुआ था। गर्भगृह जैसी पवित्र जगह पर हथियार देखकर वहां मौजूद पुजारियों ने तत्काल इसका कड़ा विरोध किया।
पीएम और सीएम की सुरक्षा में भी नहीं गया था असलहा
बताया जा रहा है कि जब पुजारियों ने सुरक्षाकर्मी से इस बारे में सवाल किया तो उसने जिलाधिकारी के सुरक्षा कारणों और वीआईपी प्रोटोकॉल का हवाला दिया। इस पर पुजारियों का गुस्सा और भड़क गया। कई पुजारियों ने स्पष्ट कहा कि भगवान जागेश्वर के गर्भगृह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक की सुरक्षा में कोई असलहा अंदर नहीं ले जाया गया था। पुजारियों ने साफ कहा कि मंदिर की पवित्रता को किसी भी कीमत पर भंग नहीं होने दिया जाएगा।
सुरक्षा प्रोटोकॉल और धार्मिक मर्यादाओं पर उठी बहस
पुजारियों ने इस पूरे मामले पर कड़ा विरोध जताते हुए कार्रवाई की मांग की है। खुफिया एजेंसियों ने जागेश्वर धाम को देश के संवेदनशील स्थलों में शामिल किया है जिसके चलते यहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी जाती है।
लेकिन स्थानीय लोगों और पुजारियों का स्पष्ट रूप से कहना है कि वीआईपी सुरक्षा के नाम पर धार्मिक मर्यादाओं और सदियों पुरानी परंपराओं का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा प्रोटोकॉल और धार्मिक मान्यताओं के बीच संतुलन को लेकर नई बहस खड़ी कर दी है।



