तमिलनाडु के कोयंबटूर से एक ऐसी विचलित और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने न केवल इंसानियत को शर्मसार किया है, बल्कि कानून के रखवालों की संवेदनशीलता पर भी एक बहुत बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। कोयंबटूर के सुलूर इलाके में एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची के अपहरण, यौन उत्पीड़न और फिर निर्मम हत्या जैसी रूह कंपा देने वाली वारदात से जहां पूरा देश और सूबा गहरे सदमे और गम में डूबा हुआ है, वहीं इस मामले का खुलासा करने के लिए बुलाई गई आधिकारिक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को कैमरे के सामने मुस्कुराते और ठहाके लगाते हुए कैद किया गया है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद देश भर की जनता का गुस्सा फूट पड़ा है।
जानकारी के अनुसार, तमिलनाडु के सुलूर में बीते दिनों एक 10 साल की बच्ची घर के पास से लापता हो गई थी, जिसका शव बाद में एक तालाब के पास नारियल के बाग से बरामद हुआ। तफ्तीश में खुलासा हुआ कि बच्ची के ही एक पड़ोसी कार्तिक ने चॉकलेट का लालच देकर उसका दोपहिया वाहन से अपहरण किया, उसके साथ हैवानियत (यौन उत्पीड़न) की और फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी कार्तिक और उसके मददगार मोहन राज को गिरफ्तार भी कर लिया है।
गंभीर मामले की ब्रीफिंग से ठीक पहले हंसी-मजाक और ठहाके इस अत्यंत संवेदनशील और जघन्य अपराध की आधिकारिक जानकारी मीडिया को देने के लिए पुलिस विभाग द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई थी। वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि मंच पर आईजी वेस्ट जोन आर.वी. रम्या भारती (RV Ramya Bharathi), कोयंबटूर रेंज के डीआईजी पी. सामीनाथन और कोयंबटूर के पुलिस अधीक्षक (SP) अल्लातीपल्ली पवन कुमार रेड्डी मौजूद थे।
प्रेस वार्ता शुरू होने और पत्रकारों के गंभीर सवालों का जवाब देने से ठीक पहले, आईजी रम्या भारती और अन्य अधिकारी बेहद सामान्य मूड में आपस में बात करते हुए चेहरे पर बड़ी मुस्कान लाते और ठहाके मारते हुए कैमरे में रिकॉर्ड हो गए। जिस राज्य और समाज में लोग एक मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी से रो रहे थे, वहां खाकी के इस हंसते हुए चेहरे ने लोगों को भीतर तक आहत कर दिया।
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा:
इस वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर नेटिजन्स और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधिकारियों के आचरण की जमकर क्लास लगाई है। यूज़र्स ने लिखा कि खाकी इतनी बेदर्द, निष्ठुर और असंवेदनशील कैसे हो सकती है कि किसी के घर का दीपक बुझ गया हो और अफसर प्रेस मीट में जोक्स क्रैक कर रहे हैं। लोगों ने इसे ‘एब्सोल्यूट डिस्ग्रेस’ (पूरी तरह अपमानजनक) बताते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से इन सभी बड़े अधिकारियों के खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
राजनीतिक गलियारों में भी मचा बवाल
मामले ने अब सियासी तूल भी पकड़ लिया है। इस घटनाक्रम से ठीक पहले सूबे की उद्योग मंत्री एस. कीर्तना भी इस मर्डर केस पर पत्रकारों के सवालों को हंसकर टालने के कारण बैकफुट पर हैं, जिसके बाद भाजपा समेत तमाम विपक्षी दलों ने सत्ताधारी टीवीके (TVK) सरकार को कानून व्यवस्था और संवेदनहीनता के मुद्दे पर आड़े हाथों लिया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जब सरकार के मंत्रियों और सूबे के सर्वोच्च पुलिस कप्तानों का रवैया ही इतना गैर-जिम्मेदाराना और असंवेदनशील होगा, तो अपराधियों के हौसले बुलंद होना लाजिमी है। फिलहाल इस भारी जन-आक्रोश और वायरल वीडियो को लेकर पुलिस विभाग की तरफ से कोई भी आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है।
