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हाईकोर्ट शिफ्टिंग पर उत्तराखंड में घमासान, विरोध में वकील

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Clash in Uttarakhand over High Court shifting, lawyers protest

हाईकोर्ट की शिफ्टिंग को लेकर उत्तराखंड में घमासान मचा हुआ है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को हुई बैठक में अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट की बेंच की शिफ्टिंग का विरोध किया। बैठक में तय हुआ कि सोमवार को बार सभागार में एक और बैठक होगी, जिसमें रिजोल्यूशन पास करके उसे मुख्य न्यायाधीश को सौंपा जाएगा।

गौरतलब हो, हाईकोर्ट के शिफ्टिंग के विरोध में गढ़वाल के वकील एकजुट दिखाई दे रहे हैं। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश चंद्र सिंह रावत ने कहा कि हाईकोर्ट की स्थापना को लेकर लंबा संघर्ष हुआ है और अब जाकर वकीलों को चैंबर मिले हैं। ऐसे में हाईकोर्ट की शिफ्टिंग उचित नहीं है। हाईकोर्ट की शिफ्टिंग का विरोध कुमाऊं के अधिवक्ताओं ने भी किया है। वरिष्ठ अधिवक्ता डीके शर्मा ने कहा कि हाईकोर्ट यहीं रहनी चाहिए।

वरिष्ठ अधिवक्ता केएस रौतेला ने सवाल किया कि क्या किसी न्यायालय के पास हाईकोर्ट शिफ्ट करने का अधिकार है? हाईकोर्ट स्थापना के लिए राज्य, केंद्र समेत विभिन्न स्तर पर सहमति, अनुमोदन की लंबी प्रक्रिया होती है।

हाईकोर्ट के अधिवक्ता तथा भाजपा नेता नितिन कार्की के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व राज्य सभा सांसद महेंद्र भट्ट को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अधिवक्ता तथा राज्य के निवासियों की भावनाओं के अनुरूप हाईकोर्ट को अन्यत्र स्थापित किए जाने की पहल की रोकथाम के प्रयास की मांग की गई।

हाईकोर्ट की स्थापना को लेकर लंबा संघर्ष हुआ है और अब जाकर वकीलों को चैंबर मिले हैं। हाईकोर्ट में अब तक अरबों रुपये खर्च किए जा चुके हैं। पहाड़ी राज्य की अवधारणा के अनुरूप प्रदेश के नैनीताल में हाईकोर्ट बनी। 24 वर्ष बाद अब हम स्थायित्व के करीब पहुंचे हैं। अब इसे अस्थिर करने की बात कही जा रही है।