बाल विज्ञान मेला::बच्चों ने सीखे विज्ञान के प्रयोग

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Children’s Science Fair::Children learned science experiments

अल्मोड़ा, 28 अक्टूबर 2023- भारत ज्ञान विज्ञान समिति अल्मोड़ा तथा बच्चों की पत्रिका बालप्रहरी, बालसाहित्य संस्थान द्वारा ज्ञान विज्ञान चिल्ड्रन एकैडमी हवालबाग में आयोजित 5 दिवसीय बाल विज्ञान मेले के चौथे दिन बच्चों ने अलग-अलग गतिविधियां की।

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आज के मुख्य अतिथि विवेकानंद कृषि अनुसंधान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बीएम. पांडेय ने कहा कि आज हम चांद पर पहुंच गए हैं। उसके बावजूद हमारे समाज में कई अंधविश्वास व्याप्त हैं।
उन्होंने कहा कि विज्ञान के कई प्रयोगों से चमत्कार दिखाकर ढौंगी बाबा तथा ठग लोगों को विज्ञान के कई प्रयोग करके अपना चमत्कार दिखाते हैं। ये चमत्कार नहीं विज्ञान के छोटे-छोटे प्रयोग होते हैं।
जिन्हें देखकर गांव की महिलाएं तथा भोले-भाले लोग ठगों की गिरफ्त में आकर काफी पैसा लुटा देते हैं। उन्होंने कहा हमें विज्ञान तथा वैज्ञानिक सोच को समझने की जरूरत है। उन्होंने कई उदाहरणों से अंधविश्वास व वैज्ञानिक प्रयोगों की जानकारी बच्चों को दी।
उन्होंने कृषि विकास के इतिहास की जानकारी भी बच्चों को दी। भारत ज्ञान विज्ञान के प्रांतीय कोषाध्यक्ष प्रमोद तिवारी ने विज्ञान के कई प्रयोग करके चमत्कार का पर्दाफाश किया। उन्होंने बच्चों को मास्क बनाना भी सिखाया।
आज बच्चों ने कहानी लेखन की बारीकियां जानी। कहानी सत्र में बालप्रहरी संपादक उदय किरौला ने बच्चों को एक कहानी सुनाई। जो वास्तव में कहानी नहीं थी। इस कहानी को सुनकर बच्चों ने कहानी मजेदार न होने, कहानी में घटना,पात्र, संवाद आदि नही होने की बात स्वीकारते हुए कहानी के तत्वों को स्वयं ही बता दिया। बाद में बच्चों ने समूह में कहानी तैयार की। बाद में चित्र देखकर कहानी बनाने, शब्दों के आधार पर कहानी बनाने, अधूरी कहानी पूरी करने व कहानी के आधार पर चित्र बनाने की गतिविधियां कराई गई। आज बच्चों ने अपनी हस्तलिखित पुस्तक के लिए मुखपृष्ठ तैयार किया। लेखक की ओर से तथा चुटकुले व पहेलियां तैयार की।
उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष पीसी तिवारी ने भी बच्चों को वैज्ञानिक सोच और शिक्षा की जरूरत‌ जताई।
भारत ज्ञान विज्ञान समिति के प्रांतीय उपाध्यक्ष नीरज पंत ने बच्चों को गीत व खेल कराने के साथ ही निबंध विधा की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निबंध साहित्य की वह विधा है जिसके लेखन में कोई बंधन नहीं होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नि का अर्थ नहीं तथा बंध का आशय बंधन से है। उन्होंने वर्णनात्मक,आत्मकथात्मक तथा भावात्मक आदि निबंधों के भेद भी बच्चों को बताए।
भारत ज्ञान विज्ञान समिति के ब्लाक संयोजक तथा ज्ञान विज्ञान चिल्ड्रन एकैडमी के प्रधानाचार्य अशोक पंत ने कहा कि कार्यशाला का समापन रविवार को दिन में 12 बजे होगा। उन्होंने अभिभावकों से समापन समारोह में पहुंचने की अपील की है। आज बच्चों ने नुक्कड़ नाटक, बाल कवि सम्मेलन तथा समूह गीत 6 समूह में अपने-अपने कार्य को अंजाम दिया। उदय किरौला, नीरज पंत, भगवती गुसाई ,प्रमोद तिवारी, नरेंद्र सिंह पाल, कामेश्वरी सिंह,गोविंद कुमार, लक्ष्मण राम ने अलग-अलग समूहों में बतौर संदर्भदाता सहयोग किया।
आज अध्यक्ष मंडल में जीतेश तिवारी, उत्कर्ष मेहता, महक नेगी, रक्षिता नेगी , बरखा आर्या . शामिल रहे। तथा हिमांशु बिष्ट , महक नेगी ने विगत दिवस की रिपोर्ट प्रस्तुत की। कु. पलक मेहता के संपादन में बरखा आर्या, कनिका आर्या , रक्षिता नेगी , निहारिका आर्या, गरिमा ठठोला, महक नेगी, खुशी बिष्ट,मानसी मेहता, भावना नेगी, गीतांजलि आर्या, आयुषी आर्या, अनुष्का मेहता आदि बच्चों ने ‘चिल्ड्रन एकैडमी’ नाम से दीवार पत्रिका तैयार की। नीरज पंत ने आज बच्चों को तोता कहता है, जैसा मैं कहूं, नेताजी की खोज, कितना बड़ा पहाड़, पिज्जा हट आदि खेल कराए।
इस अवसर पर गोविंद कुमार जीवन सिंह बिष्ट मुकेश कुमार पीयूष धौनी प्रियंका रश्मि पंत ममता जोशी गीता नेगी गीता मुस्यूनी विमला मेहता आदि उपस्थित थे। विभिन्न प्रतियोगिता में चयनित बच्चों को उपहार में बालसाहित्य की पुस्तकें दी गई। कार्यशाला का समापन कल 29 अक्टूबर रविवार को दोपहर 12 बजे होगा।

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