अब जन्म लेते ही बन जाएगा बच्चों का AADHAAR CARD

देश भर में आधार कार्ड विगत कुछ वर्षों से सर्वाधिक महत्वपूर्ण दस्तावेजों की श्रेणी में से एक हो गया है। इसी बात को ध्यान में…

देश भर में आधार कार्ड विगत कुछ वर्षों से सर्वाधिक महत्वपूर्ण दस्तावेजों की श्रेणी में से एक हो गया है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए अब UIDAI ने बच्चों को जन्म के साथ ही उन्हें आधार कार्ड मुहैया कराने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। वर्तमान समय में बच्चों के जन्म के बाद सबसे पहले जन्म प्रमाण पत्र तैयार किया जाता है लेकिन अब संभावनाएं जताई जा रही हैं कि बर्थ सर्टिफिकेट से पहले ही नवजात शिशु को आधार कार्ड नंबर मिल जाएगा।

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जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त होने में लगभग एक माह का समय लग जाता है परन्तु अब जन्म बच्चों के जन्म लेने के बाद अस्पताल में ही आधार कार्ड बनाने के लिए एनरोलमेंट प्रक्रिया शुरू हो कर दी जाएगी जिससे बर्थ सर्टिफिकेट बनने से पहले ही शिशु का आधार कार्ड जारी कर दिया जाएगा।

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इस योजना को लागू करने के लिए बर्थ रजिस्टार के साथ बातचीत चल रही है। UIDAI के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार देश की 99.7% वयस्क आबादी आधार से जुड़ चुकी है अर्थात् देश के 131 करोड़ लोगों के पास आधार नंबर है। अब नवजात शिशु को भी आधार कार्ड प्रदान करवाने की तैयारियां चल रही हैं। पूरे देश में हर वर्ष ढाई करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं और अब उनको आधार के साथ एनरोल करने की प्रक्रिया के तहत जन्म के साथ ही उनकी फोटो क्लिक करके उन्हें आधार सौंप दिया जाएगा।

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बड़ों का आधार कार्ड बनाने के लिए बायोमैट्रिक्स की सहायता ली जाती है लेकिन 5 साल से कम उम्र के बच्चों का बायोमैट्रिक्स नहीं लिया जाता है। इसी स्थिति को मद्देनजर रखते हुए बच्चों के माता- पिता में से किसी एक के साथ बच्चे को जोड़ दिया जाएगा। 5 साल की उम्र पार करने के बाद फिर बच्चों का बायोमैट्रिक्स लिया जाएगा। UIDAI की कोशिश है कि पूरी आबादी को आधार से जोड़ दिया जाए।