सोबन सिंह जीना की जयन्ती(Soban Singh Jina) को राजकीय मेले के रूप में मनाए जाने की घोषणा नहीं हुई पूरी: जयंती पर सुनौली में फिर उठी मांग

editor1
3 Min Read

Declaration of celebrating the birth anniversary of Soban Singh Jina as a state fair was not fulfilled: Demand raised again in Sunauli on the birth anniversary

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय जीना (Soban Singh Jina)आजीवन जन सरोकारों से जुड़े रहे। उन्होंने उत्तराखण्ड के जल, जंगल एवं जमीन संबंधी जन विरोधी कानूनों की हमेशा खिलाफत की। बिनसर अभ्यारण्य के खिलाफस्थानीय जनता के हक-हकूकों से संघर्ष को सड़क व न्यायालय में चुनौती भी दी।

अल्मोड़ा, 04 अगस्त 2022—स्वर्गीय सोबन सिंह जीना (Soban Singh Jina) की 115वीं जयंती उनके पैतृक गांव सुनोली में मनाई गयी। इस अवसरपर उनको भाव भीनी श्रृद्धांजलि देते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गयी।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय जीना आजीवन जन सरोकारों से जुड़े रहे। उन्होंने उत्तराखण्ड के जल, जंगल एवं जमीन संबंधी जन विरोधी कानूनों की हमेशा खिलाफत की। बिनसर अभ्यारण्य के खिलाफ स्थानीय जनता के हक-हकूकों से संघर्ष को सड़क व न्यायालय में चुनौती भी दी।

ग्राम पंचायत सुनोली द्वारा आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने इस बात पर गहरी निराशा जताई कि Soban Singh Jina के जन्म दिन को राजकीय मेले के रूप में मनाए जाने की दो—दो मुख्यमंत्रियों की घोषणा के बावजूद उस पर अमल नहीं हो पाया है। साथ ही उनकी स्मृति में बने बने पुस्तकालय एवं संग्रहालय में एक भी पुस्तक एवं उनसे जुड़ी वस्तु नहीं हैं।


वक्ताओं ने कहा कि आज जीना का पैतृक गांव तमाम समस्याओं से जूझ रहा है। राजकीय इंटर कॉलेज सुनोली जूनियर के भवन में चल रहा है। जहाॅ कक्षा-कक्षों की भारी कमी है।

Soban Singh Jina
स्वर्गीय सोबन सिंह जीना (Soban Singh Jina) की 115वीं जयंती उनके पैतृक गांव सुनोली में मनाई गयी।


बसौली-सुनोली मोटरमार्ग खस्ताहाल है। बिनसर अभ्यारण्य से प्रभावित होने के कारण जंगली जानवरों का जबर्दस्त आतंक है। सभी ने शासन/प्रशासन से इस समस्याओं के निवारण की मांग की गयी।


बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान मीना देवी द्वारा की गई। बैठक को ईश्वर जोशी, चंदन सिंह, लक्ष्मण सिंह, हेमंत राम, संतोषी भाकुनी, किरन भाकुनी, उप प्रधान गंगा देवी, रघुवर जोशी, दीप्ति भोजक, नंदी देवी, उमा देवी, लता रौतेला आदि ने संबोधित किया।

adbanner