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अल्मोड़ा, 24 जून 2020
कोरोना काल में ड्यूटी दे रही एक आशा वर्कर(Asha Worker) ने परिजनों पर मारपीट व गालीगलौच करने का   आरोप लगाया है. पीड़िता ने मामले में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.

कोरोना काल में आशा वर्कर (Asha Worker) अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. परिवार की जिम्मेदारियो के साथ ही आशा वर्कर सरकार व प्रशासन द्वारा सौपे गए कार्यो का बखूबी निर्वहन कर रही है. प्रशासन द्वारा गाँव लौट रहे प्रवासियों के डाटा संकलन व उनकी देखरेख समेत कई जिम्मेदारियां वर्तमान में आशा वर्कर (Asha Worker) को सौपी है. लेकिन जिम्मेदारियो व कर्तव्यों को भलीभाँति निभाने के बाद भी आशा वर्कर्स को समाज में न सिर्फ शक की नजर से देखा जा रहा है बल्कि उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

ग्राम कपिना रानीखेत निवासी रेखा आर्या पत्नी गिरीश चंद्र ने बुधवार को डीएम को ज्ञापन सौपा. ज्ञापन में रेखा ने कहा की वह आशा वर्कर (Asha Worker) है. इन दिनों वह प्रशासन द्वारा उन्हें सौपे गए कार्यो का निर्वहन कर रही है. जिसमे गाँव लौटे प्रवासियों की देखरेख समेत अन्य कार्य सम्मिलित है. लेकिन ससुराल वाले कार्य करने से मना कर रहे है. रेखा ने अपनी सास, पति, देवर, देवरानी व भांजा पर उसके साथ मारपीट व गालीगलौच करने का आरोप लगाया है.

पीड़िता रेखा के तीन बच्चे है. जिसमे 2 लड़की व एक लड़का है. रेखा का मायका यहां नगर से लगे स्यालीधार गाँव में है. ससुराल वालो द्वारा मारपीट के डर से वह अपने बच्चों को अपने मायके छोड़ गयी है.

कोरोना काल में अपनी जिम्मेदारियो को समझते हुवे वह ससुराल लौट गयी. पीड़िता ने जिलाधिकारी से दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है.