Almora— सिविल वनों की सुरक्षा (Protection of civil forests) अब पटवारी व ग्राम प्रधान करेंगें, पढ़ें पूरी खबर

अल्मोड़ा, 03 फरवरी 2021Almora वनों में वनाग्नि दुर्घटनाओं से प्रति वर्ष बहुमूल्य राष्ट्रीय सम्पदा की अपूर्णनीय क्षति होती है इसको रोकने के लिये हमें सामूहिक…

21e7b59e-b909-45ce-800c-4b81d0841272 25

अल्मोड़ा, 03 फरवरी 2021
Almora
वनों में वनाग्नि दुर्घटनाओं से प्रति वर्ष बहुमूल्य राष्ट्रीय सम्पदा की अपूर्णनीय क्षति होती है इसको रोकने के लिये हमें सामूहिक प्रयास करने होंगे। यह बात जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने आज जिला कार्यालय में आयोजित वनाग्नि से सम्बन्धित एक बैठक में कही।

Almora डीएम ने कहा कि सिविल वनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सम्बन्धित ग्राम प्रधान व पटवारी की होगी। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को ग्राम स्तर पर जागरूकता गोष्ठी कराने को कहा। उन्होंने कहा कि कृषि, उद्यान एवं विकास विभाग के अधिकारी इन जागरूकता गोष्ठियों में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करेंगे। कहा कि मुख्यमंत्री त्वरित समाधान शिविरों में वन विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाय।

corona update almora- 2 नये केस, संख्या पहुंची 3326

डीएम ने कहा कि वनों को वनाग्नि से रोकने के लिये यद्यापि वन विभाग द्वारा प्रभागीय स्तर पर वन प्रबन्धन अग्नि योजना का प्रभावी ढ़ग से तैयारी की जाती है फिर भी अगर ग्राम स्तर पर प्रत्येक व्यक्ति वनाग्नि के प्रति जागरूक हो तो इसे रोका जा सकता है। अकेले वन विभाग ही वनाग्नि से निपटने में असमर्थ है। जिलाधिकारी ने कहा कि वनाग्नि से रोकथाम के लिये एनसीसी, एनडीआरएफ, महिला मंगल दल, युवक मंगल दल, वन पंचायत और स्वयंसेवी संस्थाओं को आगे आकर इसके नियंत्रण में भागीदारी करनी होगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा विभाग के हर सम्भव मदद जायेगी जो कि इसके प्रभावी नियंत्रण में सहयोग प्रदान करेंगी।

Almora- आंचल जनता दूध हुआ ₹6 प्रति लीटर सस्ता

उन्होंने कहा कि महिला मंगलदल, युवक मंगल दल द्वारा अच्छा कार्य करने पर उनको पुरस्कृत किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जंगलों में आग लगने के प्रमुख कारणों में नई घास के लिये सूखी घास को जलाना, जंगलों में आने-जाने वाले लोगों द्वारा जली बीड़ी, सिगरेट को फेंकना और बिखरी पत्तियों को जलाना है। इसके लिये प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को जागरूक किया जाय ताकि वनाग्नि को रोका जा सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि वनाग्नि काल के समय कुछ शरारती तत्वों द्वारा जान-बूझ कर आग लगायी जाती है ऐसे लोगों को चिन्हित कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि फायर सीजन शुरू होने के पहले वन विभाग द्वारा एक फायर माॅक ड्रिल का आयोजन कराया जाय जिससे लोगो में वनाग्नि को लेकर जागरूकता पैदा हो सके।

Almora- नगर कांंग्रेस (Congress) ने किया बूथ कांंग्रेस कमेटियों का गठन

उन्होंने कहा कि वनग्नि नियंत्रण में मानव संसाधनों की आवश्यकता पड़ती है इसलिये कृषि, राजस्व, विकास, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, जल निगम, अग्निश्मन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पशु पालन, आपदा प्रबन्धन, स्थानीय अभिसूचना ईकाइ, छावनी परिषद, एसएसबी से स्वतःस्फूर्त भावना से इस कार्य में जुटने की बात की।

बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी महातिम यादव ने कहा कि वनाग्नि से निपटने के लिए सभी विभागो से सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने बताया कि फायर सीजन 15 फरवरी से 15 जून तक रहता है इसलिए हमें इस दौरान और जागरूक रहने की आवश्यकता है। उन्होंने विभाग द्वारा वनाग्नि को रोकने के लिए किए जाने वाले प्रयासों व कार्य योजनाओं को पाॅवर पाइंट के माध्यम से जानकारी दी।

Almora Breaking— खाई में गिरी कार, एक ही परिवार के 5 लोग घायल

इस अवसर पर मौजूद वन पंचायत के संरपचों द्वारा अपने सुझाव दिये गये। बैठक में वनाधिकारी सिविल सोयम आरसी काण्डपाल, उप प्रभागीय वनाधिकारी भूपाल सिंह बिष्ट, वन क्षेत्राधिकारी संचिता वर्मा, अधिशासी अभियंता लोनिवि एमसी जोशी, मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह, ईओ नगरपालिका श्याम सुन्दर, गिरीश चन्द्र शर्मा, कैलाश नाथ गोस्वामी, हरीश बिष्ट, लीला बोरा सहित अनेक सरपंच व अधिकारी मौजूद थे।

कृपया हमारे youtube चैनल को सब्सक्राइब करें

https://www.youtube.com/channel/UCq1fYiAdV-MIt14t_l1gBIw/videos