अल्मोड़ा: दवा व्यवसायियों की एक दिवसीय हड़ताल,बंद रहे दवा प्रतिष्ठान

ऑल इंडिया आर्गेनाइजेशन ऑफ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एवं उत्तरांचल औषधि व्यवसाई महासंघ द्वारा आहूत देशव्यापी हड़ताल का असर अल्मोड़ा में भी रहा। बुधवार को चौघानपाटा…

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ऑल इंडिया आर्गेनाइजेशन ऑफ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एवं उत्तरांचल औषधि व्यवसाई महासंघ द्वारा आहूत देशव्यापी हड़ताल का असर अल्मोड़ा में भी रहा।

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बुधवार को चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क पर दवा व्यवसायियों द्वारा ऑनलाइन फार्मेसियों की दवा वितरण की प्रणाली, बड़े कॉर्पोरेट्स के द्वारा भारी डिस्काउंट,एवं नशीली दवाओं को सुगमता से मरीज को ही नहीं बल्कि बाहरी व्यक्तियों को इन दवाओं की उपलब्धता पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह मानते हुए सांकेतिक प्रदर्शन किया गया।


वक्ताओं द्वारा बताया गया कि इन तथाकथित फार्मेसियों द्वारा जो दवा वितरण प्रणाली अपनाई जा रही है,उसके फलस्वरूप सभी मध्यम और छोटे केमिस्टों के व्यवसाय पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है, कई केमिस्टों ने इन बड़े कॉर्पोरेट्स द्वारा संचालित ऑनलाइन फार्मेसी द्वारा भारी डिस्काउंट दिए जाने पर अपने कारोबार को समेट लिया है, साथ ही बेरोज़गारी के चलते इस व्यवसाय से जुड़े कई नवयुवक,जो अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे थे ,अब आर्थिक संकट मंडरा रहा है।

सरकार को चेताया गया कि इस हड़ताल में केवल दवा व्यवसाय से जुड़े उन लाखों मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की नौकरी भी खतरे में आ गईं है,क्योंकि वो अपनी कंपनियों को उचित टारगेट नहीं दे पा रहे हैं ।


कहा कि औद्योगिक घरानों द्वारा संचालित इन तथाकथित ऑनलाइन फार्मेसियों पर शिकंजा कसा जाना जरूरी है ।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद 2 मिनट का मौन रखकर पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय भुवन चंद्र खंडूरी को श्रद्धांजलि दी गई।


सभा में संस्था के पदाधिकारी प्रांतीय अध्यक्ष बहादुर सिंह मनकोटी, नगर अध्यक्ष आशीष वर्मा, राघव पंत, गिरीश उप्रेती, दीप वर्मा,गगन जोशी, जगदीश पंत,कस्तूरी लाल,वीरेंद्र बृजवाल,देवेशपंत, सुभाष कर्नाटक,अक्षय भट्ट, भुवन गुरुरानी, महेंद्र जोशी, देवेंद्र मेहरा, गजेंद्र सिंह,हरीश जोशी, ओमप्रकाश जोशी,दीक्षा तिवारी,चंदन मेर,चंदन बिष्ट,मनीष तिवारी समेत अनेक दूरस्थ क्षेत्रों के दवा विक्रेता शामिल रहे।


संगठन का कहना है कि –
“हड़ताल के चलते मरीजों को अति आवश्यकीय दवाओं को आकस्मिक स्थिति में उपलब्ध कराने हेतु सभी अस्पताल के प्रमुख अधीक्षकों को संबंधित दुकानों के संपर्क नंबर पूर्व में ही उपलब्ध एक पत्र के माध्यम से करा दिए गए थे।”

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