दुग्ध संघ कमचारी संगठन द्वारा फैक्ट्री गेट पर प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 11 बजे से 12 बजे तक एक घंटे का धरना दिया।
उपस्थित कर्मचारियों ने वर्तमान प्रधान प्रबंधक पुष्कर सिह को हटाये जाने का विरोध कर नारेबाजी की।
वक्ताओं ने कहा कि अल्मोडा दुग्ध संघ को अस्थिर करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है नये बोर्ड के मात्र 2 वर्ष के कार्य काल में 4 प्रधान प्रबंधकों को कुछ स्वार्थी लोगों द्वारा अपने निहित स्वार्थ पूर्ति हेतु बार बार हटा दिया जा रहा है। वक्ताओं द्वारा वर्तमान प्रबन्ध कमेटी सदस्यों की चुप्पी पर भी प्रश्न चिन्ह लगाया है आखिर इस तबाही को बोर्ड के अन्य सदस्य क्यो चुप चाप सहन कर रहे है इस चुप्पी का क्या कारण है।
वक्ताओं ने अभी तक दुग्ध सघ कार्मिकों को 7वॉ वेतन नही देने, 6ठे वेतन का डी०ए० वर्ष 2019 से अब तक भी नही देने (डीए 164 प्रतिशत 2019 में था वर्तमान में सरकार द्वारा 253 प्रतिशत डीए धोषित हो गया है) पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की गयी वक्ताओं न कहा कि जब भी दुग्ध सघ कार्मिक अपने डीए की मॉग करता है तो सस्था घाटे की बताकर टाल दिया जाता है जबकि घाटे का मुख्य कारण सस्था की बोर्ड है जिनकी चुप्पी इस बात का सबूत है।
वक्ताओं ने कहा कि संस्था को बचाना है तो तुरन्त प्रधान प्रबंधक का स्थानान्तरण आदेश निरस्त किया जाय अन्यथा संस्था के कार्मिक आन्दोलन को निर्णायक मजिल तक पहुचाना भी जानते है।
वक्ताओं ने विभागीय प्रबन्ध निदेशक, निदेशक व शासन के अधिकारी व मंत्री पर भी इस सस्था को बर्बाद करने का आरोप लगाया है। वक्ताओं ने कहा कि उनको दुग्ध उत्पादक सचिव संगठन सहित सस्था के परिवहन संगठन का भी सर्मथन प्राप्त हो गया है।
कर्मचारी संगठन ने कहा कि गुरुवार को आन्दोलन और तेज किया जायेगा, जब तक आदेश निरस्त नही होता है कर्मचारी संगठन पीछे हटने वाला नही है।
इस मौके पर केसी तिवारी, शिवशंकर सिंह बोरा, कल्पना बिष्ट, नंदी बिष्ट, नरेंद्र सिंह,विजय सिंह, प्रेम सिंह, पूरन राम, शेर सिंह, पुष्पा नेगी आदि मौजूद थे।
