अल्मोड़ा और उससे जुड़े क्षेत्र में कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए एक बहुत अच्छी और राहत भरी खबर है। राजकीय मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के बीच राज्य में उपशामक चिकित्सा यानी पैलिएटिव केयर सेवाओं को बढ़ाने के लिए एक करार (एमओयू) हुआ है। इस पूरे कार्यक्रम को केरल के तिरुवनंतपुरम की मशहूर संस्था ‘पल्लियम इंडिया’ के तकनीकी सहयोग और देखरेख में चलाया जाएगा।
इस समझौते का मुख्य मकसद कैंसर, पुरानी और जीवन को सीमित करने वाली गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों और उनके तीमारदारों को बेहतर, सस्ती और चौतरफा इलाज की सुविधाएं देना है। इसके तहत गंभीर बीमारी के आखिरी चरणों में मरीजों को होने वाले असहनीय दर्द और तकलीफ को कम करने का काम किया जाएगा। इस योजना के तहत स्वास्थ्य कर्मचारियों को खास ट्रेनिंग दी जाएगी, गांवों और कस्बों तक इन सेवाओं को पहुंचाया जाएगा, मरीजों की देखभाल करने वालों को मजबूत बनाया जाएगा और समाज में इस बीमारी को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।
इस मौके पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर डॉक्टर चंद्र प्रकाश भैसोड़ा ने कहा कि गंभीर और असाध्य रोगों से परेशान मरीजों के जीवन को थोड़ा आसान और बेहतर बनाने में उपशामक चिकित्सा बहुत बड़ी भूमिका निभाती है। आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में इसका बहुत महत्व है। उन्होंने इस बेहतरीन और जनहितकारी काम के लिए आगे आने पर बीपीसीएल और पल्लियम इंडिया का धन्यवाद किया।
एनेस्थीसियोलॉजी विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर डॉक्टर उर्मिला पलड़िया ने बताया कि इससे पूरे कुमाऊं क्षेत्र में पैलिएटिव केयर सेवाओं को एक नई दिशा मिलेगी। गंभीर बीमारियों से लड़ रहे मरीजों और उनके परिवारों को अब इलाज के साथ-साथ बेहतर मानसिक सहायता और सही परामर्श भी मिल सकेगा।
इस दौरान मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉक्टर संजय गौर, एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर आदित्य कुमार चौहान, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर उमंग शर्मा और पल्लियम इंडिया के उत्तराखंड समन्वयक राजेंद्र दत्त बिजल्वाण सहित कई डॉक्टर और स्टाफ मौजूद रहे। राजेंद्र दत्त बिजल्वाण ने देश भर में चल रहे इन कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि यह साझेदारी उत्तराखंड में गंभीर मरीजों की देखभाल के लिए एक मजबूत और टिकाऊ मॉडल तैयार करने में मददगार साबित होगी।
