अल्मोड़ा:: जीआईसी नगरखान के प्रवक्ता ने सरकारी विद्यालय में कराया पुत्र का एडमिशन, अभिभावकों ने की प्रसंशा

Almora: GIC Nagarkhan teacher got his son admitted in a government school, parents praised him. अल्मोड़ा 9 मई 2024- राजकीय इंटर कालेज नगरखान में कार्यरत…

Almora: GIC Nagarkhan teacher got his son admitted in a government school, parents praised him.

अल्मोड़ा 9 मई 2024- राजकीय इंटर कालेज नगरखान में कार्यरत एक प्रवक्ता सुभाष जोशी द्वारा कक्षा 6 में इसी विद्यालय में अपने पुत्र का प्रवेश कराया है‌।

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इस पहल पर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य मनीष जोशी एवं वहां कार्यरत समस्त स्टाफ द्वारा सुभाष जोशी की सराहना करते हुए बधाई दी है ।
इसे अच्छे परीक्षा परीक्षाफल का परिणाम कहें या निजि विद्यालयों से मोहभंग होने शुरूआत धीरे से ही सही सरकारी विद्यालयों की ओर लोगों का रूझान बढ़ने लगा है इससे पूर्व रानीखेत से एक शिक्षिका द्वारा अपने पुत्र का प्रवेश सरकारी विद्यालय में कराने की सूचना आई थी अब नगरखान के इस सरकारी विद्यालय के शिक्षक ने अपने पुत्र का एडमिशन सरकारी स्कूल में कराया है।
इस पहल की स्थानीय‌ नागरिकों जनप्रतिनिधियों व अभिभावकों ने सराहना की है।

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जिला पंचायत सदस्य शिवराज बनौला, राज्य आंदोलनकारी ब्रह्मानंद डालाकोटी ने भी इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि इस विद्यालय की तीन बालिकाएं अभी हाल ही में घोषित हाई स्कूल तथा इंटर के परीक्षा परिणामों में मैरिट में आई हैं तथा शत प्रतिशत पास हुए बच्चों में अधिकतर प्रथम श्रेणी तथा आनर्स की श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं जबकि इस विद्यालय में सुविधाओं के नाम पर कक्षा कक्ष तक पठन पाठन के लिए नहीं हैं‌।


अन्य सुविधाओं की तो बेहद कमी है ही फिर भी विद्यालय में कार्यरत सभी अध्यापकों द्वारा कठोर परिश्रम के परिणाम स्वरूप यह उपलब्धि हुई है इससे यह भी सिद्ध होता है ग्रामीण क्षेत्रों न तो प्रतिभाओं की कमी है और न ही वहां कार्यरत अध्यापकों द्वारा मेहनत में कोई कमी की जा रही है बस ये विद्यालय पठन पाठन की सुविधाओं के अभाव का दंश झेल रहे हैं जिससे जहां ये कभी कभी अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाते‌। वही निजि शिक्षा संस्थानों की चकाचौंध, प्रचार प्रसार, व्यक्तिगत जनसंपर्क का मुकाबला ये सरकारी विद्यालय नहीं कर पाते इसलिए पूरी मेहनत और अच्छी संभावनाओं बावजूद सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या घटती जा रही है। सरकार को इस सभी स्थितियों को ध्यान में रखकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार करना चाहिए।