अल्मोड़ा में फर्जी लोन घोटाले का पर्दाफाश,पीड़ित बताने वाला ही निकला मास्टरमाइंड,3 गिरफ्तार

अल्मोड़ा। जनपद में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से ऋण (लोन) हड़पने वाले एक बड़े गिरोह का अल्मोड़ा पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस…

Almora Fake Loan Scam Complainant Turns Out To Be Mastermind
Chat-GPT-Image-May-15-2026-07-48-08-PM

अल्मोड़ा। जनपद में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से ऋण (लोन) हड़पने वाले एक बड़े गिरोह का अल्मोड़ा पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि जिस व्यक्ति ने खुद को पीड़ित बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, वह कोई पीड़ित नहीं बल्कि इस पूरी आपराधिक साजिश का मुख्य हिस्सा और मास्टरमाइंड निकला।

25


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अल्मोड़ा चंद्रशेखर घोडके द्वारा अपराधियों और वांछितों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत कोतवाली अल्मोड़ा पुलिस ने इस धोखाधड़ी के मामले में वादी सहित तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।


क्या था पूरा मामला?
मामले के अनुसार, बीते वर्ष 19 सितंबर 2025 को सोमेश्वर निवासी दिनेश नेगी ने कोतवाली अल्मोड़ा में एक लिखित तहरीर दी थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि कुछ नामजद अभियुक्तों ने उसकी व्यावसायिक फर्म ‘जय गोली ट्रेडर्स’ के नाम से मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) अल्मोड़ा का एक फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किया और उसका इस्तेमाल कर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की अल्मोड़ा शाखा से लाखों रुपये का लोन (ऋण) स्वीकृत करा लिया। यही नहीं, बैंक में फर्म के नाम से फर्जी कोटेशन बिल और कई अन्य जाली दस्तावेज भी जमा किए गए थे। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मु.FIR संख्या- 85/2025, धारा 318(4) बीएनएस (BNS) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू की थी।


पुलिस की विवेचना में खुला राज, वादी पर ही घूमी शक की सुई
अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) अल्मोड़ा हरबंस सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी (CO) बलवंत सिंह रावत के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली योगेश चंद्र उपाध्याय के नेतृत्व में धारानौला चौकी प्रभारी व विवेचक उपनिरीक्षक (SI) आनंद बल्लभ कश्मीरा ने जांच शुरू की। बैंक रिकॉर्ड और कड़ियों को जोड़ने पर पुलिस टीम के तब होश उड़ गए, जब यह बात सामने आई कि मुकदमा दर्ज कराने वाला वादी दिनेश सिंह नेगी खुद इस फर्जीवाड़े में गहराई से संलिप्त था। उसने केवल खुद को कानून की नजरों में बेगुनाह दिखाने और बैंक लोन की देनदारी से बचने के लिए यह झूठी कहानी रची थी।


साजिश का पर्दाफाश होते ही पुलिस ने मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) [आपराधिक साजिश], 336, 338 और 340 [फर्जी दस्तावेज बनाना और इस्तेमाल करना] की भारी वृद्धि कर दी। इसके बाद मंगलवार 19 मई 2026 को पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अल्मोड़ा से मुख्य साजिशकर्ता दिनेश नेगी और उसके दो नामजद साथियों धीरेन्द्र सिंह गैलाकोटी व सुनील सिंह को दबोच लिया। तीनों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

Leave a Reply