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उत्तराखंड के कीर्ति नगर विकासखंड के बागवान गांव की अलका रावत बनी भारतीय सेना की लेफ्टिनेंट

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कीर्ति नगर विकासखंड के बागवान गांव के अलका रावत का नाम अब हर जगह छाया हुआ है। अलका भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गई है। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल की बेटी ने सेवा में अफसर बनकर जिले के साथ ही अपने परिवार का मान भी बढ़ाया है।

विकासखंड कीर्ति नगर के बागवान गांव की अलका रावत भारतीय सेवा में शॉर्ट सर्विस कमीशन पास कर अवसर बन गई है। अलका भारतीय सेना के मेडिकल नर्सिंग विंग में लेफ्टिनेंट के पद पर तैनात हुई है। 2014 जून को पुणे में हुई पासिंग आउट परेड के बाद भारतीय सेवा का हिस्सा बन गई । अलका अभी कमान अस्पताल दक्षिणी कमान पुणे में अपनी सेवाएं दे रही हैं। अलका के सेना में ऑफिसर बनने पर क्षेत्र में खुशी का माहौल बना हुआ है।

अलका के पिता हरि सिंह रावत भी भारतीय सेवा का हिस्सा रह चुके हैं। वह सातवीं गढ़वाल राइफल से हवलदार के पद पर सेवानिवृत हुए थे। वर्तमान में वह दिल्ली गेल इंडिया लिमिटेड में नौकरी कर रहे हैं।

हरि सिंह रावत का कहना है कि वह खुद सेवा का हिस्सा थे इसलिए उन्होंने बच्चों को भी सैनिक स्कूल में पढ़ाया। उनका कहना है कि अलका ने पंजाब गुरदासपुर में पहली कक्षा में पढ़ने के बाद आर्मी स्कूल रायवाला में अपनी पढ़ाई पूरी की। उसके बाद में साल 2018 में राम हिमालय विश्वविद्यालय बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की बीएससी करने के बाद अलका ने एक महा सीएचओ में नौकरी भी की।

इस बीच एमएनएस के फार्म आए। अलका ने खुद के लिए सेना में जाने का रास्ता बना लिया। मिलिट्री नर्सिंग सर्विस के लिए आवेदन किया। जिसके बाद 4 अप्रैल को अलका को आर्मी बेस अस्पताल दिल्ली इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। मेरिट में स्थान पाने के बाद 2 जून को जॉइनिंग लेटर मिलने के बाद 14 जून को पुणे में पीओपी आयोजित की गई। बीते 14 जून को अलका के कंधों पर सितारे लगे। वे इस पल को देखने के लिए वहां मौजूद नहीं थे।

अलका की मां कांति देवी का कहना है की बेटी के सेवा में अफसर बनने के बाद घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। अलका का छोटा भाई 12वीं पास करने के बाद सेना में जाने की तैयारी कर रहा है। अलका की उपलब्धि से पूर्व प्रदेश में खुशी का माहौल है।