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दो सप्ताह में पुनः शपथपत्र दाखिल करे, अन्यथा सचिव व आयुक्त आवकारी के खिलाफ चार्ज होंगे फ्रेम-हाईकोर्ट (nainital high court)

नैनीताल। शराब ठेके व बार मे IP address युक्त CCTV कैमरा लगाने संबंधित मामले में दायर अवमानना याचिका में विगत 5 नवंबर में नैनीताल हाईकोर्ट (nainital high court) ने एक माह के भीतर पुनः एफिडेविट दाखिल करने के निर्देश दिए थे उसी क्रम में आबकारी आयुक्त सुशील कुमार द्वारा दाखिल कंप्लायंस एफिडेविट पर हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकल पीठ में सुनवाई हुई।

याचिकाकर्ता की आपत्ति पर नैनीताल ने माना कि विपक्षी गणों की तरफ से दाखिल सपथपत्र न्यायालय को गुमराह करने वाला है । दाखिल शपथपत्र में आवकारी विभाग द्वारा कहा गया है कि गरुड़ तहसील के अंतर्गत सिरकोट कंधार में स्थित शराब की दुकान में बिजली संयोजन नही होने से अभी तक आई पी एड्रेस युक्त CCTV कैमरे नही लग पाये हैं।

शपथपत्र में दिए गए तथ्यो के अनुसार कुल 553 शराब की दुकानों में से अभी तक 414 दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लग चुके है जबकि कुल 552 में से केवल 69 शराब बार मे हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में कैमरे लग गए हैं। याचिकाकर्ता का कहना था कि सरकार दोषी शराब दुकान संचालकों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के बजाय उनके बचाव में गलत तथ्यो के साथ कोर्ट को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।

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गौरतलब है कि उत्तराखंड में शराबबंदी पर एक जनहित याचिका गरुड़(बागेश्वर) निवासी नैनीताल हाईकोर्ट (nainital high court) में अधिवक्ता डीके जोशी ने पूर्व में दाखिल की थी जिमसें हाईकोर्ट से प्रार्थना की गयी थी कि प्रदेश में शराब बंदी संबंधी आवकारी अधिनियम 1910 के प्रावधानों को लागू करने के निर्देश राज्य सरकार को दिए जाय तथा 21 वर्ष से कम उम्र के युवाओ शराब नही बेचे जाने संबंधी प्रावधानों का पालन कर इस हेतु प्रभावी नज़र रखने हेतु सभी शराब की ठेके की दुकानों व बार रेस्टॉरेंट में आई पी एडरेस युक्त सी सी टी वी कैमरे लगाए जाये।

29 अगस्त 2019 को उपरोक्त याचिका पर अंतिम फैसला देते हुए नैनीताल हाईकोर्ट (nainital high court) ने राज्य सरकार को 6 माह के भीतर मद्यनिषेध नीति बनाने के सख्त निर्देश दिए थे साथ ही सभी शराब की दुकानों बार आदि में आई पी एडरेस युक्त सी सी टी वी कैमरा दो माह के भीतर लगाए जाने के आदेश दिए थे लेकिन समय पर उक्त फैसले का राज्य सरकार के द्वारा पालन नही होने पर डीके जोशी द्वारा जुलाई 2020 में अवमानना याचिका दाखिल की गई है जिसमे सचिव आवकारी व आयुक्त आबकारी उत्तराखंड शासन को व्यक्तिगत रूप से पक्षकार बनाया गया है।

कोर्ट से अवमानना नोटिस जारी होने के बाद सरकार पहले सचिव आबकारी द्वारा एफिडेविट दाखिल किया गया था जिससे संतुष्ट ना होने पर याचिकाकर्ता ने प्रति शपथपत्र दाखिल कर कहा था कि नैनीताल हाईकोर्ट (nainital high court) के आदेश का पालन सरकार द्वारा अभी तक नही किया गया है। इस मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट नैनीताल में न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकल पीठ ने सरकार को पुनः 3 सप्ताह के भीतर शपथपत्र दाखिल करने का आदेश दिया था जिसके अनुपालन में आयुक्त आबकारी द्वारा दाखिल कंप्लायंस एफिडेविट पर आज सुनवाई हुई।

आज सोमवार 14 दिसंबर को याचिकाकर्ता के द्वारा आपत्ति की गई कि आयुक्त आबकारी द्वारा दाखिल शपथपत्र से ही खुद साबित हो रहा है कि प्रदेश शराब ठेके व बार मे IP address युक्त CCTV कैमरा लगाने के कार्य की प्रगति हाई कोर्ट के आदेश के अनुरूप नही हुई, अवमना वाद में सरकार द्वारा दाखिल जबाब कोर्ट को गुमराह करने वाला है। अतः उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जाय। आज मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद नैनीताल हाईकोर्ट (nainital high court) ने उपरोक्त संदर्भ में 2 सप्ताह के भीतर हाई कोर्ट द्वारा 29 अगस्त 2019 को दिए गए निर्देशों के पालन सुनिश्चित किये जाने के आशय का शपथपत्र दाखिल करने का आदेश दिया , कोर्ट से स्पष्ट किया कि अन्यथा की स्थिति में विपक्षीगणों के खिलाप चार्ज फ्रेम कर दिए जाएंगे। हाईकोर्ट (nainital high court) में इस मामले में अगली सुनवाई 2 सप्ताह बाद होगी।

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