मौसम के 2 अजीबोगरीब पैटर्न: एक तरफ 48 डिग्री की भीषण हीटवेव , दूसरी तरफ 14 राज्यों में प्री-मॉनसून का अलर्ट

नई दिल्ली/देहरादून। भारत में इस समय मौसम के दो बेहद विपरीत और अजीबोगरीब पैटर्न एक साथ देखने को मिल रहे हैं। जहां एक ओर उत्तर…

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नई दिल्ली/देहरादून। भारत में इस समय मौसम के दो बेहद विपरीत और अजीबोगरीब पैटर्न एक साथ देखने को मिल रहे हैं। जहां एक ओर उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाके सूरज की सीधी तपिश और जानलेवा लू (हीटवेव) की चपेट में आकर भट्टी की तरह धधक रहे हैं, वहीं दूसरी ओर देश के कई हिस्सों में प्री-मॉनसून और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के 14 राज्यों के लिए हाई अलर्ट जारी करते हुए अगले 12 घंटों में आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली गिरने और 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है।

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विस्तृत जानकारी के अनुसार, देश के विभिन्न राज्यों में मौसम की मौजूदा स्थिति और प्रशासनिक तैयारियां इस प्रकार हैं:

उत्तर भारत में पारा 48 डिग्री के पार, दिल्ली में टूटा बिजली खपत का रिकॉर्ड उत्तर और मध्य भारत में थार रेगिस्तान से आ रही झुलसाने वाली गर्म हवाओं के कारण कई शहरों में तापमान 46 से 48 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। सबसे खराब स्थिति उत्तर प्रदेश की है, जहां का बांदा जिला 48 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान के साथ देश का सबसे गर्म इलाका दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने यूपी के बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, आगरा और झांसी समेत कई जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है, जिसके बाद लखनऊ सहित कई जिलों में स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियों की घोषणा कर दी गई है।

इधर, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी तापमान 46 डिग्री के पास बना हुआ है और मौसम विभाग ने यहाँ ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। दिल्ली में रातें भी असामान्य रूप से बेहद गर्म दर्ज की जा रही हैं। अत्यधिक गर्मी के कारण कूलिंग उपकरणों के भारी इस्तेमाल से दिल्ली में पीक पावर डिमांड (बिजली की खपत) 8,231 मेगावाट के ऑल टाइम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिसके 9,000 मेगावाट पार होने का अनुमान है। लगातार पड़ रही इस गर्मी से अस्पतालों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। पंजाब, हरियाणा, बिहार, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के लिए भी मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट प्रभावी है।

पहाड़ी राज्यों में आंधी-बारिश और दक्षिण में मॉनसून की दस्तक

मैदानी इलाकों की इस भीषण तपिश के बीच पहाड़ी राज्यों और दक्षिण भारत के लिए राहत की खबर है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तराखण्ड के देहरादून व नैनीताल, और हिमाचल प्रदेश के शिमला व मनाली सहित आस-पास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया है। जम्मू-कश्मीर में भी अगले दो दिनों तक 70 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बारिश की संभावना है। वहीं, बिहार के पटना, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर में धूल भरी आंधी व गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट है। दूसरी तरफ, केरल, तमिलनाडु और दक्षिणी कर्नाटक में प्री-मॉनसून गतिविधियां बेहद मजबूत हो गई हैं और अगले 3-4 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के अरब सागर में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

विशेषज्ञों की सलाह: दोपहर में बाहर निकलने से पूरी तरह बचें

मौसम विभाग के पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) आनंद शर्मा ने आम जनता, विशेषकर गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे के बीच घरों से बाहर न निकलने की सख्त सलाह दी है। उन्होंने यात्रियों से अपनी यात्रा कुछ टालने और बाहर निकलने पर सिर को ढकने व लगातार पानी पीकर खुद को हाइड्रेटेड रखने की अपील की है। वहीं दिल्ली के पर्यावरणविद मनु सिंह ने बढ़ते कंक्रीट के जंगलों (अर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट) को इस भीषण गर्मी के लिए जिम्मेदार बताते हुए चिंता जताई है कि यह अत्यधिक तापमान न सिर्फ इंसानों के मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है, बल्कि पानी व छांव के अभाव में बेजुबान पक्षी और जानवर भी दम तोड़ रहे हैं। उत्तराखंड की अन्य मुख्य खबरों के लाइव अपडेट्स के लिए यहाँ क्लिक करें।

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