अल्मोड़ा के मानसखंड विज्ञान केंद्र में अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर संवाद, डॉ. संदीप बोले- ’99 फीसदी कीट होते हैं लाभदायक’

अल्मोड़ा। अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर मानसखंड विज्ञान केंद्र, अल्मोड़ा में एक विशेष जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। “वैश्विक…

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अल्मोड़ा। अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर मानसखंड विज्ञान केंद्र, अल्मोड़ा में एक विशेष जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। “वैश्विक प्रभाव के लिए स्थानीय क्रियाकलाप” मुख्य विषय पर आधारित इस कार्यक्रम में जैव विविधता संरक्षण में स्थानीय समुदायों, पारंपरिक कृषि प्रणालियों एवं वैज्ञानिक प्रयासों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।

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कार्यक्रम का शुभारंभ मानसखंड विज्ञान केंद्र के एमेरिटस वैज्ञानिक डॉ. जी. सी. एस. नेगी ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को राष्ट्रीय एवं स्थानीय स्तर पर जैव विविधता की वर्तमान स्थिति, उसके संरक्षण की चुनौतियों तथा भविष्य की आवश्यकताओं के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन ई. प्रदीप तिवारी ने किया तथा अंत में धन्यवाद प्रस्ताव दीपांशु चंद्र द्वारा प्रस्तुत किया गया।


कीटों और जैव उर्वरकों की उपयोगिता पर वैज्ञानिकों ने रखे विचार
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सोबन सिंह जीना (एसएसजे) विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के डॉ. संदीप कुमार ने कृषि फसलों में कीटों की उपयोगिता पर बेहद रोचक प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पर्यावरण में लगभग 99 प्रतिशत कीट लाभदायक होते हैं, जबकि केवल 1 प्रतिशत कीट ही हानिकारक श्रेणी में आते हैं। परागण, मृदा उर्वरता (मिट्टी की उपजाऊ शक्ति) एवं प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में इन लाभदायक कीटों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो मानव जीवन के अस्तित्व के लिए अत्यंत आवश्यक है।


डॉ. प्रियंका अधिकारी ने आधुनिक कृषि प्रणालियों में जैव उर्वरकों (Bio-fertilizers) के बढ़ते महत्व पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जैव उर्वरकों का उपयोग न केवल कृषि उत्पादन को बढ़ाता है, बल्कि यह मृदा स्वास्थ्य और जैव विविधता संरक्षण के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रहा है। वहीं, स्पर्धा संस्था अल्मोड़ा के सचिव ई. दीप चंद्र बिष्ट द्वारा मौनपालन (मधुमक्खी पालन) के माध्यम से ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने और जैव विविधता संरक्षण में उनके योगदान हेतु महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।


मानसखंड परिसर में हुआ पौधरोपण, 6 ग्राम पंचायतों की महिलाएं रहीं मौजूद
इस विशेष अवसर पर मानसखंड विज्ञान केंद्र के परिसर में सभी वैज्ञानिकों, अतिथियों और प्रतिभागियों द्वारा संयुक्त रूप से पौधरोपण किया गया। इस पहल का उद्देश्य न केवल हरियाली को बढ़ावा देना है, बल्कि स्थानीय जैव विविधता को सहेजना और आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ पर्यावरण सौंपना भी है।
कार्यक्रम में अल्मोड़ा जनपद की 6 ग्राम पंचायतों— शैल गूठ, आनंदपुर, सुनौला तल्ला, सुनौला मल्ला, मतेला व चितई पंत की महिलाओं ने प्रतिभाग किया। इसके साथ ही स्पर्धा संस्था के साथ कार्य कर रही महिलाएं, एसएसजे विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के शोध छात्र-छात्राएं, विभिन्न विद्यालयों एवं संस्थाओं सहित लगभग 80 प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।


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