Whats-App-Image-2026-04-02-at-4-36-29-PM shree-krishna-vidyapeethm,k

108 सेवा की हालत पर अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी ने उठाए सवाल, कहा,”आपातकालीन सेवाओं पर पड़ रहा है विपरीत असर”

अल्मोड़ा-आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली 108 एंबुलेंस सेवा की बदहाल स्थिति को लेकर क्षेत्रीय विधायक मनोज तिवारी ने गहरा रोष व्यक्त किया…

Screenshot 2026 04 12 19 43 58 35 7352322957d4404136654ef4adb64504

21e7b59e-b909-45ce-800c-4b81d0841272 25

अल्मोड़ा-आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली 108 एंबुलेंस सेवा की बदहाल स्थिति को लेकर क्षेत्रीय विधायक मनोज तिवारी ने गहरा रोष व्यक्त किया है।


उन्होंने कहा कि जिस सेवा पर आम जनता की जिंदगी निर्भर करती है, वही आज लापरवाही और अव्यवस्था की भेंट चढ़ती नजर आ रही है।

विधायक तिवारी ने कहा कि कई बार आपात स्थिति में 108 समय पर नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।


उन्होंने आरोप लगाया कि कहीं एंबुलेंस के टायर खराब हैं तो कहीं ईंधन की कमी के चलते वाहन खड़े हैं, जो पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और स्वास्थ्य विभाग को इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह सीधे-सीधे जनता के जीवन से जुड़ा मामला है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।


विधायक मनोज तिवारी ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि अल्मोड़ा जैसे बड़े जिले में आज तक जरूरी सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भारी कमी बनी हुई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के किसी भी सरकारी चिकित्सालय, यहां तक कि अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में भी नेफ्रोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट और न्यूरो सर्जन जैसे अहम विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं, जिससे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को मजबूरन हल्द्वानी या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है।

विधायक ने कहा कि यह स्थिति न केवल चिंताजनक है बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति सरकार की उदासीनता को भी दर्शाती है, और अब तक इन पदों को भरने के लिए कोई ठोस प्रयास नजर नहीं आ रहा है, जो सीधे तौर पर आम जनता के जीवन से खिलवाड़ के समान है।
विधायक तिवारी ने कहा कि 108 एम्बुलेंस सेवा की बदहाली, सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की कमी और अस्पतालों में टेक्निकल स्टाफ की भारी कमी जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों को वे पहले ही विधानसभा सत्र में प्रमुखता से उठा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद जमीनी स्तर पर हालात में कोई सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जनता के जीवन से सीधे जुड़े इन बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं की अनदेखी लगातार जारी है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।


विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार इन गंभीर मुद्दों पर केवल आश्वासन तक सीमित है, जबकि आम लोगों को आज भी समय पर एम्बुलेंस, विशेषज्ञ डॉक्टर और पर्याप्त स्टाफ की सुविधा नहीं मिल पा रही है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर पड़ता है ।


तिवारी ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान उनके कार्यकाल में जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए लगातार प्रयास कर अल्मोड़ा में मेडिकल कॉलेज की स्थापना करवाई गई थी, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी थी। हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 के बाद से ऐसा प्रतीत होता है कि वर्तमान सरकार इस मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने और इसे बेहतर ढंग से विकसित करने के मुद्दे पर मूकदर्शक बनी हुई है।

विधायक ने कहा कि जिस संस्थान को क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनना चाहिए था, वह आज संसाधनों और विशेषज्ञों की कमी से जूझ रहा है, जो सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है।


उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा जनपद की इन स्वास्थ समस्याओं को वे दर्जनों बार मुख्यमंत्री,स्वास्थ्य मंत्री एवं स्वास्थ सचिव के संज्ञान में पत्रों द्वारा, दूरभाष द्वारा एवं व्यक्तिगत रूप से मिलकर भी ला चुके हैं लेकिन अब तक जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति जस की तस है।


उन्होंने कहा कि यदि सरकार अब भी स्वास्थ्य जैसे बेहद संवेदनशील मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखाती है,तो उन्हें अंतिम विकल्प के रूप में जनहित में जनता को साथ लेकर व्यापक जनांदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति या दल की नहीं, बल्कि आम जनता के जीवन और उनके अधिकारों की है और जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे को सड़कों पर भी मजबूती से उठाया जाएगा।

Leave a Reply