उत्तराखंड के 283 बूथों में मोबाइल नेटवर्क की कमी, सेटेलाइट फोन और रेडियो सेट से प्रचार व मतदान का काम

उत्तराखंड के चुनावी दौर में राज्य के 283 बूथ ऐसे हैं, जहां शैडो एरिया में मोबाइल नेटवर्क की कोई उपलब्धता नहीं है। इससे चुनावों की…

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उत्तराखंड के चुनावी दौर में राज्य के 283 बूथ ऐसे हैं, जहां शैडो एरिया में मोबाइल नेटवर्क की कोई उपलब्धता नहीं है। इससे चुनावों की संचालन सुविधा प्रभावित हो रही है। इन बूथों पर सेटेलाइट फोन और रेडियो सेट के माध्यम से काम किया जाएगा।

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अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्रदेश में ऐसे चार बूथ हैं, जहां सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए किसी भी तरह का नेटवर्क नहीं होता है। इसलिए, पोलिंग बूथ से लेकर सूचना स्थल तक की जानकारी ले जाने के लिए विभिन्न रनर तैनात किए गए हैं। सूचना को एक रनर बाइक या अन्य माध्यम से पोलिंग बूथ से लेकर दूसरे प्वाइंट तक पहुंचाया जाएगा और फिर सूचना आगामी प्वाइंट तक पहुंचाई जाएगी।

इसी तरह सूचना अगले स्थान तक पहुंचने के बाद उसे अन्य माध्यम के जरिए चुनाव आयोग तक पहुंचाया जा सकेगा। यहां पौड़ी के लालढांग में एक और पिथौरागढ़ के कनार में एक, तथा उत्तरकाशी में दो ऐसे बूथ हैं जहां यह प्रणाली अपनाई गई है।

उत्तराखंड में कुल 283 शैडो एरिया बूथ हैं, जहां मोबाइल नेटवर्क की कोई सुविधा नहीं है। इस वजह से चुनाव आयोग ने इन बूथों में सेटेलाइट फोन और रेडियो सेट का उपयोग करने की सुविधा उपलब्ध कराई है।

एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स के अनुसार, यह नया परिदृश्य उत्तराखंड में मोबाइल नेटवर्क छूट के कारण हो रहा है। इस समस्या के बावजूद, चुनाव आयोग हर संभव कदम उठा रहा है ताकि चुनावी प्रक्रिया सम्पन्न हो सके और प्रत्येक नागरिक का मत निगरानी के तहत दर्ज किया जा सके।