अल्मोडा के योग एवं वैदिक अध्ययन शोध संस्थान (योगनिलयम) मे 12 जनवरी से चल रहे 10 दिवसीय योगकार्यशाला (Yoga Workshop) के चौथे दिन संस्कृत कवि व नाट्यकार अनिल ढौडियाल ने योग के छात्रों को संस्कृत की बारीकियों से अवगत कराया उन्होनें वैज्ञानिक विधि प्रयोगात्मक विधि से छात्रों को संस्कृत मे संभाषण करना सिखाया उन्होनें कहा योग के छात्रों के लिए संस्कृत अत्यावश्यक है।
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उन्होंने कहा कि भारतीय वैदिक साहित्य मे छिपे ज्ञान को योग के द्वारा जन जन तक पहुंचाया जा सकता है , भाषा को सीखनें के लिए मैकाले पद्धति को नहीं अपितु गुरुकुल पद्धति को अपनाकर शीघ्रता से सीखी जा सकती है, ढौडियाल ने भाषा के चार सोपानों को विस्तार से समझाया और संस्कृत क्रीडा के माध्यम से छात्रों को पढाया।(Yoga Workshop)
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