हाल ही में सोशल मीडिया और कुछ खबरों में दावा किया गया था कि सरकार 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर को घटाकर 10 किलो करने वाली है। इस खबर ने आम लोगों में चिंता बढ़ा दी थी।
लेकिन अब मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस ने साफ किया है कि यह दावा पूरी तरह गलत है। मंत्रालय ने कहा कि 14.2 किलो वाले सिलेंडर को 10 किलो में बदलने की कोई योजना नहीं है।
मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ये खबरें सिर्फ अनुमान पर आधारित हैं। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें। उनका कहना था कि सरकार का फोकस फिलहाल गैस की सप्लाई को बनाए रखने और अवैध कारोबार रोकने पर है, सिलेंडर के वजन में बदलाव करने पर नहीं।
सरकार के अनुसार, देश में LPG सप्लाई सामान्य है और कहीं भी गैस की कमी नहीं है। डिलीवरी नियमित चल रही है और लोग जरूरत से ज्यादा बुकिंग करने से बच रहे हैं।
सुजाता शर्मा ने यह भी बताया कि पिछले तीन हफ्तों में करीब 3.5 लाख नए PNG कनेक्शन दिए गए हैं। इससे उपभोक्ताओं को ज्यादा विकल्प मिलेंगे और गैस सप्लाई मजबूत होगी।
कमर्शियल LPG के लिए
सरकार ने नया फैसला लिया है। अब 50% कमर्शियल LPG राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिया जाएगा। इसका इस्तेमाल होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, इंडस्ट्रियल कैंटीन, डेयरी यूनिट और सामुदायिक रसोई में होगा। 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर (FTL) भी इसी में शामिल हैं। करीब 20 राज्यों में यह व्यवस्था लागू हो चुकी है और लगभग 15,800 टन कमर्शियल LPG इस्तेमाल हो चुका है।
सुजाता शर्मा ने लोगों से साफ कहा कि किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें।

