9 सितंबर को होगा उपराष्ट्रपति पद का चुनाव, जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट पर बढ़ी हलचल

उपराष्ट्रपति पद के लिए होने वाला चुनाव 9 सितंबर को कराया जाएगा। चुनाव आयोग ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है। आयोग के मुताबिक चुनाव…

उपराष्ट्रपति पद के लिए होने वाला चुनाव 9 सितंबर को कराया जाएगा। चुनाव आयोग ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है। आयोग के मुताबिक चुनाव की अधिसूचना 7 अगस्त को जारी की जाएगी और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 21 अगस्त तय की गई है। मतदान और परिणाम दोनों 9 सितंबर को ही होंगे। यह चुनाव ऐसे समय में हो रहा है जब मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 22 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए संविधान के अनुच्छेद 67(क) के तहत पद छोड़ने की बात कही थी। धनखड़ ने अपने पांच वर्षीय कार्यकाल के केवल दो साल ही पूरे किए थे लेकिन उनके उत्तराधिकारी को पूरा पांच साल का कार्यकाल मिलेगा।

संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत उपराष्ट्रपति का चुनाव निर्वाचन आयोग कराता है। चुनाव की प्रक्रिया अनुच्छेद 66(1) के अनुसार पूरी होती है, जिसके अंतर्गत निर्वाचक मंडल में लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित तथा मनोनीत सदस्य शामिल होते हैं। इस चुनाव में आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली और एकल संक्रमणीय मत प्रणाली के तहत गुप्त मतदान कराया जाता है।

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इस बार लोकसभा की कुल 543 सीटों में से एक सीट बशीरहाट की रिक्त है, जिससे प्रभावी संख्या 542 है। राज्यसभा की 245 में से 5 सीटें खाली हैं जिनमें 4 जम्मू-कश्मीर और एक पंजाब की है। इस तरह दोनों सदनों की कुल प्रभावी सदस्य संख्या 782 हो जाती है। जीत के लिए कम से कम 391 मतों की आवश्यकता होगी, यदि सभी सदस्य मतदान करें।

लोकसभा में एनडीए को 542 में से 293 सांसदों का समर्थन प्राप्त है जबकि राज्यसभा में उसे 240 में से 129 सांसदों का समर्थन हासिल है। इस तरह एनडीए के पास कुल 422 सांसदों का समर्थन है जिससे साफ है कि उपराष्ट्रपति पद की दौड़ में उसकी स्थिति मजबूत है।

चुनाव आयोग ने 1974 के नियम 40 के तहत निर्वाचक मंडल की अंतिम सूची तैयार कर ली है। इस सूची में सभी सांसदों को उनके सदनों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आधार पर वर्णानुक्रम में क्रमबद्ध किया गया है। आयोग ने दो दिन पहले ही यह प्रक्रिया पूरी कर ली थी और धनखड़ के इस्तीफे के तत्काल बाद चुनाव प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।

अब देश की निगाहें इस बात पर हैं कि कौन उम्मीदवार मैदान में उतरता है और देश को अगला उपराष्ट्रपति कौन मिलता है।