वन पंचायत सरपंचों ने विधानसभा अध्यक्ष से की मुलाकात, छह सूत्रीय मांगों पर चर्चा

✦ ग्राम प्रधानों के अधीन लाने के प्रस्ताव का किया विरोध✦ वन पंचायतों को वित्तीय और कानूनी अधिकार देने की मांग देहरादून: उत्तराखंड के कुमाऊं…

✦ ग्राम प्रधानों के अधीन लाने के प्रस्ताव का किया विरोध
✦ वन पंचायतों को वित्तीय और कानूनी अधिकार देने की मांग

देहरादून: उत्तराखंड के कुमाऊं और गढ़वाल मंडलों के विभिन्न जिलों के वन पंचायत सरपंचों का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष से उनके देहरादून स्थित आवास पर मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अपनी छह सूत्रीय मांगों को विस्तार से रखते हुए समाधान की मांग की।

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✦ ग्राम प्रधानों के अधीन लाने के प्रस्ताव का विरोध

वन पंचायत सरपंचों ने शासन-प्रशासन द्वारा विचाराधीन उस प्रस्ताव को पूरी तरह से निरस्त करने की मांग की, जिसमें वन पंचायतों को ग्राम प्रधानों के अधीन लाने की बात कही गई है। उनका कहना है कि यह वन पंचायतों की स्वायत्तता और अधिकारों का हनन करेगा।

✦ वित्तीय और कानूनी अधिकारों की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने वन पंचायतों को मजबूत करने के लिए वित्तीय और कानूनी अधिकार दिए जाने की मांग की। इसके लिए प्रचलित नियमावली में आवश्यक संशोधन करने की जरूरत बताई गई।

✦ परामर्शदात्री समितियों में प्रतिनिधित्व देने की अपील

सरपंचों ने प्रदेश परामर्शदात्री समिति और अन्य सलाहकार परिषदों में वन पंचायत प्रतिनिधियों को शामिल करने की भी मांग की। उनका कहना था कि जब तक सरपंचों को निर्णय प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा, तब तक वन पंचायतों को सशक्त नहीं किया जा सकता।

✦ वित्तीय संसाधन और प्रशिक्षण की आवश्यकता

प्रतिनिधिमंडल ने वन पंचायत प्रतिनिधियों के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन, तकनीकी प्रशिक्षण और सम्मानजनक मानदेय प्रदान करने की जरूरत पर भी बल दिया।

✦ ठेकेदारी और एनजीओ के हस्तक्षेप पर रोक की मांग

वन पंचायत सरपंचों ने अपने अधिकार क्षेत्र में ठेकेदारी और एनजीओ के अनावश्यक हस्तक्षेप को समाप्त करने की मांग की। इसके अलावा, वन पंचायतों की अनुमति के बिना कोई भी कार्य न किए जाने पर भी जोर दिया गया।

✦ ग्रामवासियों के हक-हकूक बहाल करने की मांग

सरपंचों ने 1980 से कटौती किए गए ग्रामवासियों के हक-हकूक को पुनः बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

✦ विधानसभा अध्यक्ष ने दिया सकारात्मक आश्वासन

विधानसभा अध्यक्ष ने सभी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और समाधान के लिए अपने स्तर से आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

✦ प्रमुख वन संरक्षक से भी मिला प्रतिनिधिमंडल

विधानसभा अध्यक्ष से मिलने से पहले प्रदेश सरपंच संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने वन भवन में उत्तराखंड सरकार के प्रमुख वन संरक्षक से भी मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा।

✦ प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल

इस प्रतिनिधिमंडल में निशा जोशी, बीना बिष्ट, कमलेश जीना, गणेश चंद्र जोशी, प्रयाग सिंह जीना, नंद किशोर, कुत्तुब्बदीन, प्रेम कुमार, हेम कपिल, दान सिंह कठायत, नयन सिंह, प्रकाश भट्ट, विनोद सिंह, जगदीश और कुंदन सहित कई अन्य वन पंचायत सरपंच शामिल रहे।