देहरादून में आज शनिवार, 28 मार्च को पर्यावरण संरक्षण के लिए मनाए जाने वाले अर्थ आवर दिवस का आयोजन किया जा रहा है। विश्व भर की तरह भारत में भी रात साढ़े आठ बजे से साढ़े नौ बजे तक लोग अनावश्यक रोशनी बुझाकर ऊर्जा बचत का संदेश देंगे। प्रदेश सरकार ने सभी सरकारी दफ्तरों, निजी संस्थानों और कारोबारिक प्रतिष्ठानों से इस एक घंटे के दौरान गैर ज़रूरी लाइटें बंद रखने का अनुरोध किया है।
अर्थ आवर दिवस इस वर्ष अपने बीसवें पड़ाव पर है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों को बदलते मौसम, बढ़ते तापमान और प्रकृति पर बढ़ते बोझ के प्रति जागरूक करना है। इस अभियान के तहत नागरिकों से अपेक्षा की गई है कि वे तय समय में अनावश्यक बिजली का उपयोग बंद रखकर धरती के प्रति अपनी जिम्मेदारी का अहसास कराएं।
उत्तराखंड भी इस वैश्विक प्रयास में आज शामिल होगा। रात साढ़े आठ बजे से साढ़े नौ बजे तक पूरे प्रदेश में गैर ज़रूरी लाइटें और अन्य विद्युत उपकरण बंद रखने की तैयारी है। शासन ने जनता, शिक्षण संस्थानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और सभी विभागों से इस अभियान को सहयोग देने का आग्रह किया है। यह प्रयास ऊर्जा बचत के साथ-साथ प्रकृति के प्रति सामूहिक भावना को भी मजबूत करता है।
अर्थ आवर का मूल संदेश यही है कि सामान्य जीवन में किए गए छोटे कदम भी पर्यावरण की रक्षा में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। केवल एक घंटे की यह पहल न सिर्फ विद्युत खपत घटाती है, बल्कि धरती के संसाधनों पर बढ़ रहे दबाव को कम करने का संदेश भी देती है। यह कार्यक्रम दुनिया के लोगों को प्रकृति के प्रति एक साझा संकल्प से जोड़ता है।
ऊर्जा के मामले में उत्तराखंड की अपनी विशेष पहचान है। राज्य में कई बड़े जलविद्युत केंद्र स्थापित हैं, जिनमें टिहरी बांध पर संचालित टीएचडीसी की विशाल परियोजना भी शामिल है। ऐसे प्रदेश में ऊर्जा संरक्षण को लेकर जागरूकता का महत्व और अधिक बढ़ जाता है।


