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भारी बारिश से उत्तराखंड बेहाल: बदरीनाथ हाईवे पर मलबा गिरा, गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा के करीब

उत्तराखंड में मानसून की बारिश इस समय कहर बनकर बरस रही है। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त…

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उत्तराखंड में मानसून की बारिश इस समय कहर बनकर बरस रही है। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, बदरीनाथ हाईवे गौचर तलधारी के पास भारी मलबा और बोल्डर गिरने के कारण बंद हो गया है। शनिवार सुबह अचानक पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा हाईवे पर आ गिरा, जिससे आवाजाही पूरी तरह रुक गई। राहत की बात ये रही कि जिस समय मलबा गिरा, उस दौरान वहां से गुजर रहे लोग बाल-बाल बच गए।

इसी के साथ एक और सड़क हादसे की खबर सामने आई है। कर्णप्रयाग-नेनीसैंण मोटर मार्ग पर आईटीआई से करीब 500 मीटर आगे भी पहाड़ी दरक गई। यहां एक बड़ी चट्टान टूटकर सड़क पर गिर पड़ी, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। इन दोनों रास्तों के बंद हो जाने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर कपीरीपट्टी के निवासियों को अब कर्णप्रयाग पहुंचने के लिए डिम्मर और सिमली होते हुए लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।

बारिश के कारण उत्तराखंड में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून की ओर से आज भी भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। विभाग ने देहरादून समेत नौ जिलों—उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर के लिए रेड अलर्ट घोषित किया है। इन जिलों में बहुत भारी बारिश की संभावना है, जो दिन और रात दोनों वक्त लोगों के लिए खतरा बन सकती है। इसके अलावा बाकी सभी जिलों में भी भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को खास हिदायत दी है कि वे जलभराव, भूस्खलन और नदियों-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सतर्क रहें। खासकर पर्वतीय इलाकों में गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की गई है। रात के समय भी पूरी सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि बारिश के साथ भूस्खलन और सड़कें धंसने की घटनाएं किसी भी समय हो सकती हैं।

इस बीच मैदानों में भी बारिश ने हालात गंभीर कर दिए हैं। शुक्रवार की सुबह से हो रही मूसलाधार बरसात के चलते गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। सुबह 11 बजे तक गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा 293 मीटर के बेहद करीब 292.90 मीटर तक पहुंच गया। हालात की गंभीरता को भांपते हुए प्रशासन ने गंगा किनारे के सभी घाटों को खाली करा दिया है और किनारे रह रहे लोगों को सतर्क कर दिया गया है।

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश—दोनों राज्यों का प्रशासन इस समय पूरी तरह अलर्ट पर है। बाढ़ राहत चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं और जलस्तर पर पल-पल नजर रखी जा रही है। हालात सामान्य होने तक लोगों को नदियों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं। अगर बारिश का सिलसिला यूं ही जारी रहा, तो अगले कुछ दिन और मुश्किल भरे हो सकते हैं।