Uttarakhand: राज्य आंदोलनकारियों को फिर से आरक्षण देने की तैयारी कर रही सरकार

देहरादून। उत्तराखंड के राज्य आंदोलनकारियों के लिए जल्द ही अच्छी खबर आ सकती है। उत्तराखंड सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों को क्षैतिज आरक्षण देने के रास्ते…

देहरादून। उत्तराखंड के राज्य आंदोलनकारियों के लिए जल्द ही अच्छी खबर आ सकती है। उत्तराखंड सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों को क्षैतिज आरक्षण देने के रास्ते तलाशने का काम एक बार फिर से शुरू किया है। सरकार ने न्याय विभाग से कानूनी राय लेने के लिए फाइल बढ़ा दी है। हालांकि सरकार के पास आंदोलनकारियों को आरक्षण देने के लिए अध्यादेश लाने का अकेला विकल्प बचा है।

बताते चलें कि वर्ष 2004 में एनडी तिवारी सरकार ने सबसे पहले आंदोलनकारियों को नौकरियों में यह लाभ दिया था। अगस्त 2013 में उत्तराखंड हाईकोर्ट राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी क्षैतिज आरक्षण पर रोक लगा चुका है, जबकि वर्ष 2018 में आरक्षण का शासनादेश, सरकुलर और अधिसूचना तीनों को खारिज कर चुका है। वहीं वर्ष 2015 में हरीश रावत सरकार ने आरक्षण का लाभ देने के लिए सदन में विधेयक पारित कराया था परन्तु तब से यह राजभवन में लंबित पड़ा था।

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अब सितंबर, 2022 में धामी सरकार ने इसे पुनर्विचार के लिए वापस मांगा था। हालांकि, सरकार ने दावा किया है कि विधेयक की खामियों को दूर कर वे फिर से आंदोलनकारियों को क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिलाएंगे, लेकिन अभी इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।