उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरे प्रदेश में शुरू हो गया है। कुल 29 मूल्यांकन केंद्रों में करीब 12 लाख कॉपियों की जांच की जा रही है। दूसरे दिन ही कार्य में तेजी देखने को मिली, और परीक्षकों ने निर्धारित मानकों के अनुसार कॉपियों का मूल्यांकन शुरू कर दिया।
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी ने बताया कि मूल्यांकन कार्य को समय पर और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि सभी 29 केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य 10 अप्रैल तक समाप्त कर लिया जाएगा। हाईस्कूल स्तर पर 1457 परीक्षक, 160 उप-प्रधान परीक्षक और 320 अंकेक्षक तैनात किए गए हैं।
इंटरमीडिएट स्तर पर 1298 परीक्षक, 143 उप-प्रधान परीक्षक और 284 अंकेक्षक कार्यरत हैं। सचिव ने यह भी बताया कि इस बार मूल्यांकन अंक योजना के अनुसार चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है, जिससे हर कॉपी का मूल्यांकन समान और सटीक हो। साथ ही मूल्यांकन केंद्रों से ही डेटा एंट्री की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि परिणाम तैयार होने में कोई देरी न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि मूल्यांकन में किसी प्रकार की गलती न हो, इसके लिए सभी अधिकारियों और परीक्षकों के साथ विशेष बैठकें कर दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इस व्यवस्थित तैयारी से उम्मीद जताई जा रही है कि इस वर्ष परीक्षा परिणाम समय पर जारी किए जाएंगे, जिससे छात्र-छात्राओं की आगे की पढ़ाई और करियर योजनाओं में आसानी होगी।

