अल्मोड़ा: अल्मोड़ा की दो शिक्षिका बहनों हेमलता पांडे और मिनाक्षी पंत को इस वर्ष का शिक्षा उत्कृष्ट सम्मान प्रदान किया गया है।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने हल्द्वानी में हुए एक कार्यक्रम में इन दोनों शिक्षिकाओं को यह पुरस्कार दिया।
दोनों शिक्षिकाएं रिश्ते में सगी बहिने हैं और शिक्षण के दौरान प्रेरक नवाचार को अपनाने के लिए जानी जाती हैं। हेमलता पांडे बल्टा प्राथमिक स्कूल में प्रधानाध्यापिका हैं तो मीनाक्षी पंत राजकीय इंटर कॉलेज बाड़ेछीना में भूगोल प्रवक्ता हैं।
हेमलता वर्ष 2013 में सहायक अध्यापक के रूप में राजकीय प्राथमिक विद्यालय भूलगाँव में नियुक्ति प्राप्त की। वहां बच्चों की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर थी आपके द्वारा अपने स्वप्रयास से 40000 रुपए एकत्रित करके विद्यालय में शैक्षिक विकास हेतु स्मार्ट टीवी की व्यवस्था तथा सभी 45 बच्चों हेतु पठन सामग्री प्रदान की गई। समय समय पर स्वप्रयास से सभी बच्चों को अनेकों स्थानों पर शैक्षिक भ्रमण के कई कार्यक्रम आयोजित किये गये।
जून 2021 में प्राथमिक विद्यालय बल्टा में प्रधानाध्यापिका के पद पर कार्यभार ग्रहण किया तथा अपने सहशिक्षक अर्जुन सिंह बिष्ट के साथमिलकर विद्यालय के भौतिक वातावरण को पूरी तरह से परिवर्तित किया।
पूर्व में विद्यालय को निपुण विद्यालय राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। विद्यालय से बच्चों का नवोदय राजीव गांधी उदयमान मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना में चयन हो चुका है तथा समय-समय पर बच्चों को स्व प्रयासों से दोनों शिक्षकों के द्वारा शैक्षिक भ्रमण हेतु हर वर्ष किसी दूरस्थ स्थल पर जाता है।
विद्यालय शिक्षा के अतिरिक्त पिछले तीन वर्षों से आपके द्वारा समाज के आर्थिक रूप से कमजोर छात्र छात्राओं में से प्रतिवर्ष दो विद्यार्थियों की इंटर तक की शिक्षा का संपूर्ण खर्च स्वयं उठाया जाता है।
इसके अतिरिक्त समय समय पर अन्य वंचित बच्चों को पठन पाठन में मदद करना अभी भी जारी है।
इधर मिनाक्षी पंत का चयन वर्ष 2011 में लोक सेवा आयोग के द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्यम से प्रवक्ता भूगोल के पद पर हुआ। उन्हें अपनी प्रथम नियुक्ति अल्मोड़ा जिले के अत्यंत दुर्गम ब्लॉक सल्ट के राजकीय इंटर कॉलेज टोटाम में प्राप्त की प्राप्त की।
यह विद्यालय दुर्गम श्रेणी का था तो यह देखा गया कि प्रायः स्थितियां अत्यंत विषम और विकट थी और बच्चों की स्थिति उससे भी अधिक दयनीय थी कई विद्यार्थियों के द्वारा शुल्क के अभाव में शिक्षा को छोड़ने का भी प्रयास किया गया परंतु उन्होंने कई विद्यार्थियों को शुल्क के अभाव से विद्या न छोड़ने हेतु प्रेरित किया गया और संपूर्ण शुल्क का वहन स्वयं किया।
2017 में मिनाक्षी का स्थानांतरण अल्मोड़ा के दूसरे दुर्गम ब्लॉक धौलादेवी के राजकीय इंटर कॉलेज बाराकूना में हो गया। बाराकूना में आते ही वहां पर स्थिति थोड़ी सी उत्तम थी। इस विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ 4 वर्ष रहीं।
विद्यालय में भूगोल विषय की प्रयोगशाला नहीं थी जिसके लिए उन्होंने प्रधानाचार्य के सहयोग से एक भूगोल प्रयोगशाला स्थापित करने का प्रयास किया गया। 2021 में अटल उत्कृष्ट की प्रथम स्क्रीनिंग परीक्षा के माध्यम से इनका चयन अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज बाड़ेछीना भैंसियाछाना में हो गया।
नवाचार के लिए निरंतर प्रयासों के बाद 2024 में एपीजे अब्दुल कलाम राज्य स्तरीय विज्ञान महोत्सव में आपदा प्रबंधन व संसाधन प्रबंधन शीर्षक के अंदर कक्षा 12 के विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों के मार्गदर्शक शिक्षिका के रूप में देहरादून में अपने मॉडल प्रस्तुत करे।
यह मॉडल विद्यार्थियों की नवीन सोच और आने वाले संभावनाओं से संबंधित थे तथा विद्यार्थियों के द्वारा अत्यंत प्रभावशाली ढंग से अपना प्रस्तुतीकरण किया गया जिसका परिणाम यह हुआ कि दोनों विद्यार्थियों का चयन प्रथम स्थान पर इस प्रदर्शनी में हुआ।
आपके द्वारा कई बार विद्यार्थियों को गणवेश , पठन-पाठन सामग्री तथा जूते आदि भी व्यक्तिगत स्तर पर प्रदान किए जाते हैं। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से में अपने साथियों की सहायता से चितई मंदिर से नीचे के मार्ग में पढ़ने वाले सिराड़ बैंड में सफाई अभियान चलाया, साथ ही साथ वहां उपस्थित नौनीहालों को अपने साथियों के साथ पर्यावरण के प्रति और अपने क्षेत्र की सफाई हेतु जागरूक रहने की प्रेरणा दी।
उनके द्वारा समय-समय पर विद्यार्थियों को सामाजिक परिवेश में फैली नशे की बुरी लत से बचने हेतु भी प्रेरित किया जाता है।
दोनों शिक्षिकाओं को यह पुरस्कार मिलने पर शिक्षकों ने खुशी जाहिर की है। शिक्षक डॉ. रमेश दानू सहित कई शिक्षकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
