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रात में बढ़ जाता है हार्ट अटैक का जोखिम, इन अहम लक्षणों से समय रहते पहचान संभव

हार्ट अटैक रात के समय भी बहुत खतरनाक हो सकता है, और लोग अक्सर इसके संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे इलाज में देर…

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हार्ट अटैक रात के समय भी बहुत खतरनाक हो सकता है, और लोग अक्सर इसके संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे इलाज में देर हो जाती है, और जान पर खतरा बढ़ जाता है।

रिसर्च के अनुसार करीब बीस फीसदी हार्ट अटैक रात बारह बजे से सुबह छह बजे के बीच आते हैं, और सोते समय शरीर पर अलग तरह का तनाव पड़ता है, जिससे दिल पर दबाव बढ़ सकता है।


रात में हार्ट अटैक के संकेत अलग होते हैं। सीने में भारीपन या जलन महसूस होना आम बात है, लेकिन यह दर्द कंधे, बाजू, गर्दन या पीठ के ऊपरी हिस्से तक फैल सकता है। अचानक ज्यादा पसीना आना, खासकर ठंडा और चिपचिपा पसीना होना गंभीर चेतावनी है। रात को जी मचलना या चक्कर आना दिल के सही तरीके से काम न करने का संकेत हो सकता है। सोते समय सांस फूलना या अचानक सांस लेने में तकलीफ होना भी हार्ट अटैक का बड़ा लक्षण है। इसके अलावा दिल की धड़कन तेज या अनियमित महसूस होना चिंता का कारण बन सकता है।


रात के हार्ट अटैक के लिए दिनभर का तनाव, नींद के दौरान सांस रुकना या ब्लड प्रेशर में अचानक बदलाव जैसे कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। इसलिए रात के समय अपने शरीर के संकेतों पर ध्यान देना, और जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है।