इस साल मंगलवार को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह वलयाकार सूर्यग्रहण होगा। वलयाकार ग्रहण का हिस्सा अंटार्कटिका से देखा जा सकेगा। इसके ठीक 15 दिन बाद होली पर 3 मार्च को चंद्र ग्रहण होने वाला है।
आर्यभट्ट परीक्षण विज्ञान शोध संस्थान के पूर्व निदेशक का कहना है कि भारतीय समय के अनुसार सूर्य ग्रहण दोपहर 3:26 पर लगना शुरू हो जाएगा और यह शाम 5:42 बजे सूर्य का सर्वाधिक हिस्सा ग्रहण की चपेट में रहेगा।
वलयाकार ग्रहण की अवधि मात्र दो मिनट की होगी, जबकि सायंकाल 7.57 बजे सूर्यग्रहण समाप्त हो जाएगा। यह सूर्य ग्रहण भारत से नहीं देखा जा सकेगा।
ग्रहण का अधिकांश हिस्सा अंटार्कटिका के बर्फीले क्षेत्र में ही देखा जा पाएगा सूर्य ग्रहण की लंबाई 4282 किलोमीटर क्षेत्र में देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि चंद्रमा और सूर्य के बीच की दूरी अधिक होने की वजह से इस तरह के सूर्य ग्रहण की स्थिति बन रही है।
जब इन दोनों के बीच की दूरी कम होती है तो पूर्ण सूर्य ग्रहण की घटना होती है इस स्थिति में चंद्रमा सूरज को पूरी तरह ढक लेता है।
अगला सूर्यग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगेगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। इस ग्रहण को भी भारत से नहीं देखा जा सकेगा। इसके बाद तीन मार्च को चंद्रग्रहण की खगोलीय घटना होने जा रही है।
