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सुनीता विलियम्स ने साझा किए स्पेसवॉक ट्रेनिंग के असली अनुभव, कल्पना चावला संग बिताए रिश्ते की यादें फिर ताज़ा

कोझिकोड में च रहे केरल लिटरेचर फेस्टिवल 2026 में नासा की पूर्व अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स जब मंच पर पहुंची तो दर्शकों ने उनका उसी…

कोझिकोड में च रहे केरल लिटरेचर फेस्टिवल 2026 में नासा की पूर्व अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स जब मंच पर पहुंची तो दर्शकों ने उनका उसी उत्साह के साथ स्वागत किया जैसे कोई उन लोगों का करता है जिन्होंने पृथ्वी को अंतरिक्ष से देखा हो। सुनीता ने अपने लंबे करियर, तीन मिशनों, 608 दिनों के स्पेस अनुभव नौ स्पेसवॉक और इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की कमान संभालने जैसी उपलब्धियों को याद किया। उन्होंने बताया कि 27 दिसंबर 2025 को आधिकारिक तौर पर उनका अंतरिक्ष सफर खत्म हो चुका है और अब उनकी सिर्फ एक इच्छा है परिवार के साथ वक्त बिताने की।

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सुनीता ने मजाक में कहा कि उन्हें खुद तो रिटायरमेंट का एहसास होता है लेकिन उनके पति को लगता है कि वह अभी भी पहले जैसी ही व्यस्त है स्पीच कार्यक्रम और बच्चों के सेशन में भाग लेती हुई। फेस्टिवल में उनका एक कार्यक्रम बच्चों के साथ भी तय है।

एक इंटरव्यू में जब सुनीता से पूछा गया कि वह अंतरिक्ष की किस चीज को सबसे अधिक याद करेंगी, तो उन्होंने कहा कि पृथ्वी के अद्भुत नजारे और सोलर सिस्टम को देख पाने का वह अनुभव उनके लिए सबसे खास था। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष यात्रा सिर्फ तकनीक की जीत नहीं, बल्कि लोगों के साथ मिलकर काम करने की सबसे बड़ी सीख है। इंजीनियरों, वैज्ञानिकों और टीम के साथ बिताया समय ही उन्हें सबसे ज्यादा याद आएगा। उन्होंने यह भी बताया कि एस्ट्रोनॉट बनने जा सफर आसान नहीं था। सिलेक्शन के समय उन्हें लगा महसूस कि उनकी असली जगह है। उसके बाद उन्होंने लगातार सीखते हुए आगे बढ़ना ही अपनी आदत बना ली।

सुनीता ने अपने स्पेसवॉक की कठिन ट्रेनिंग का जिक्र भी किया और कहा कि असली चुनौती मानसिक रूप से तैयार रहना होती है, क्योंकि मिशन के बीच कभी कभी अगली उड़ान के लिए सालों इंतजार करना पड़ा जाता है।

उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष से पृथ्वी को देखने का एहसास हमेशा उनके साथ रहेगा। ऊपर से लगता है कि हमारी दुनिया बहुत नाजुक है और जिस तेजी में लोग जी रहे है, उसका कोई मतलब नहीं दिखता।

फेस्टिवल में सुनीता ने कल्पना चावला को भी याद किया, जिन्हें वह अपनी करीबी दोस्त मानती हैं। उन्होंने कहा कि कल्पना ने उन्हें ठहरकर दुनिया को देखने की खूबसूरती सिखाई थी।
सुनीता ने अपने इंटरव्यू को इस भावना के साथ खत्म किया कि अब उनकी सबसे बड़ी योजना यही है कि वह कुछ समय खुद को दें, परिवार और अपने कुत्तों के साथ समय बिताएं और बस जिंदगी को थोड़ी रफ्तार धीमी करके महसूस करें।