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कैलाश पर्वत के दक्षिणी हिस्से से गायब हुई बर्फ, 5 साल में हुए इतने बड़े बदलाव, लोगों को हुई टेंशन

कैलाश पर्वत के दक्षिणी हिस्से से इस बार बर्फ एकदम गायब हो गई है। शुक्रवार को कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटे पहले दल ने इस…

कैलाश पर्वत के दक्षिणी हिस्से से इस बार बर्फ एकदम गायब हो गई है। शुक्रवार को कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटे पहले दल ने इस बारे में जानकारी दी। यात्रा दल के एलओ एवं आईटीबीपी के एडीजी संजय गुंज्याल ने भी पांच साल में आए बदलावों पर चिंता जताई है। पिथौरागढ़ से 5 साल बाद शुरू हुई।

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कैलाश मानसरोवर यात्रा का 45 सदस्यों का दल भारत लौट आया है। शुक्रवार देर शाम 7:30 बजे यात्री धारचूला पहुंचे जयपुर निवासी राजेश नागपाल का कहना है कि कैलाश पर्वत के दक्षिणी हिस्से में बर्फ नहीं थी। बाकी हिस्सों में बर्फ कम हुई है।


एलओ संजय गुंज्याल ने बताया कि वर्ष 2016 में भी उन्होंने कैलास मानसरोवर की यात्रा की थी। तब दक्षिणी क्षेत्र में बर्फ अधिक देखने को मिली, लेकिन इस बार बर्फ बहुत कम थी।


इससे पहले अगस्त 2024 में ओम पर्वत पर भी बर्फ पिघलने का मामला सामने आया था। तब पहली बार ओम पर्वत बर्फ विहीन नजर आया था हालांकि, इसके दो-तीन दिन के भीतर ही मौसम का मिजाज बदला और ओम पर्वत में बर्फबारी हो गई थी। इससे पहले 2014 और 2018 में भी ओम पर्वत पर बर्फ कम हुई थी।


बताया जा रहा है कि कैलाश पर्वत की ऊंचाई 21778 फिट है और यहां समानता साल भर बर्फ रहती है चोटी के दक्षिणी हिस्सों में बर्फ का गायब होना सामान्य नहीं है कैलाश पर्वत पर लगभग 18000 फीट से ऊपर स्थाई हिम रेखा मानी जाती है। इस ऊंचाई के ऊपर की पूरी चोटी पर गर्मी में भी बर्फ जमी रहती है। सर्दियों में बर्फ की मोटाई लगभग 15,000 फीट तक फैल जाती है।